मौसम के बदलते ही अब पर्यटक सीमांत जिले की ओर रुख करने लगे हैं। एक हजार से अधिक पर्यटक अब तक केएमवीएन के आवास गृहों में बुकिंग करा चुके हैं। नवंबर मध्य तक पहाड़ की वादियां बंगाली और गुजराती पर्यटकों से गुलजार रहेंगी।
इस सीजन में सीमांत जिले में आने वाला पर्यटक टनकपुर से श्यामलाताल, मायावती आश्रम होते हुए पिथौरागढ़ और यहां से नारायण आश्रम, मुनस्यारी, चौकोड़ी, पाताल भुवनेश्वर पहुंचता है। इसके बाद बागेश्वर, कौसानी, रानीखेत फिर नैनीताल से काठगोदाम जाता है। इस तरह बंगाली और गुजराती पर्यटक पूरे कुमाऊं की परिक्रमा कर वापस जाते हैं। पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि कोलकाता के निगम के जनसंपर्क कार्यालय से सीधे बुकिंग आ रही है। पर्यटकों को महाकाली नदी में तालेश्वर से झूलाघाट और सरयू में घाट से पंचेश्वर तक राफ्टिंग कराई जाएगी।
उधर, मुनस्यारी के एक दर्जन होटल, दो दर्जन होम स्टे, टीआरसी आदि की बुकिंग हो चुकी है। 16 अक्तूबर की सबसे अधिक बुकिंग आई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश रावत, पूरन पांडेय ने बताया कि 15 अक्तूबर से पांच नवंबर तक आठ से 10 हजार पर्यटकों के आने की संभावना है। पिछले वर्ष करीब 3500 पर्यटक हिमनगरी का लुत्फ उठाने आए थे।
टीआरसी में एक हजार से अधिक पर्यटकों ने कराई बुकिंग
पिथौरागढ़। केएमवीएन के टीआरसी के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि सीमांत में आने वाले पर्यटकों को महाकाली नदी में तालेश्वर से झूलाघाट और सरयू में घाट से पंचेश्वर तक राफ्टिंग कराई जाएगी। बताया कि जिले के पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, पातालभुवनेश्वर, चौकोड़ी, थल, बिर्थी, मुनस्यारी, मदकोट, धारचूला, डीडीहाट टीआरसी में पर्यटक बुकिंग करा रहे हैं। अब तक एक हजार से अधिक पर्यटकों ने बुकिंग करा ली है।
बदहाल है थल-मुनस्यारी मार्ग
मुनस्यारी। जुलाई में हुई भीषण बारिश के बाद से ही थल-मुनस्यारी सड़क रातीगाड़, हरड़िया, रातापानी, बनिक के पास बदहाल है। पर्यटक सीजन को देखते हुए सड़क की मरम्मत के कोई प्रयास नहीं किए गए। आपदा मद से सड़क मरम्मत के लिए लोनिवि को बजट नहीं मिला है।