गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। चहज के पांडव मंदिर में आयोजित जागर में जगरिया इंद्र सिंह भंडारी और पूरन सिंह भंडारी ने अर्जुन और सुभद्रा विवाह की कथा का बखान किया। उन्होंने बताया कि अर्जुन वनवास के दौरान द्वारका गए और वहां कृष्ण की बहन सुभद्रा को देखा। उनकी सुंदरता व गुणों से वह मोहित होकर उन्हें प्रेम करने लगे।
श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुभद्रा से विवाह करने का सुझाव दिया लेकिन बताया कि उनके भाई बलराम विवाह के खिलाफ हैं। इस पर कृष्ण ने कहा कि विवाह के लिए अर्जुन को सुभद्रा का अपहरण करना होगा। श्रीकृष्ण के कहने पर अर्जुन ने रैवदर पर्वत पर सुभद्रा का इंतजार कर अपहरण किया। उन्होंने गंधर्व विवाह किया और सुभद्रा को अपने नगर ले गए। अर्जुन की पत्नी द्रौपदी ने भी सुभद्रा को अपनी बहन के रूप में स्वीकार कर लिया।
सुभद्रा और अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु महाभारत युद्ध में एक महत्वपूर्ण योद्धा बने। जागर गाथा में लक्ष्मण सिंह, जागर कमेटी अध्यक्ष षष्ठी बल्लभ जोशी, प्रकाश चंद्र जोशी, नवीन जोशी, दिनेश जोशी, टिकेंद्र महर, रागिनी महर, शिवि महर, रेखा महर, शिवाय महर, पीयू महर, राजू जोशी, महिपाल बुंगला आदि मौजूद रहे।