कोटा से सेलमाली तक 10 किमी सड़क बंद होने से इस सीजन में उत्पादित सब्जियां बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है। सड़क की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा मजदूर तैनात नहीं किए गए हैं। गांव के लोगों ही खुद सड़क से मलबा हटाकर इसे चलने लायक बनाने का प्रयास करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में यह सड़क कई बार बंद हो चुकी है। पिछले तीन दिन से सड़क पूरी तरह बंद है। सोमवार को भी क्षेत्र के लोगों ने कई स्थानों पर मलबा हटाने का प्रयास किया लेकिन सड़क पर मलबे के ढेर इतने ज्यादा लगे हैं कि बिना मशीनों को उसे हटा पाना संभव नहीं है।
सेलमाली गांव में इस सीजन में लौकी, कद्दू, टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी का खूब उत्पादन होता है। सड़क खुली होने पर लोग इन उत्पादों को बेचने के लिए बांसबगड़, नाचनी और थल बाजार लाते हैं। लेकिन इन दिनों अक्सर सड़क बंद होने से सब्जियां गांव में ही सड़ रही हैं। गांव के कुछ परिवार दुग्ध व्यवसाय भी करते हैं। उनको भी सड़क बंद होने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि इस सीजन में गांव के 10 परिवार सब्जी का व्यवसाय कर रहे हैं। हर परिवार इस मौसम में सब्जी बेचकर कम से कम दस हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर लेता था। इस बार सड़क बंद होने से सब्जियां बाजार तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
ग्राम प्रधान वीरेंद्र सुयाल, युवा सामाजिक कार्यकर्ता दीपू महर ने कहा कि सड़क पर गिरा मलबा हटाने के लिए कई बार लोनिवि के अधिकारियों से संपर्क साधा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि रोड बंद होने से इस बार लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल ने एसडीएम विवेक प्रकाश को पत्र देकर सड़क खोलने की मांग की है। एसडीएम विवेक प्रकाश ने कहा है कि मलबा हटाने के लिए जल्दी ही जेसीबी भेजी जाएगी।