वाइब्रेंट विलेज में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से 14 करोड़ की लागत से नौ होम स्टे बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
केंद्र सरकार की ओर से घोषित वाइब्रेंट विलेज में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से 14 करोड़ की लागत से नौ होम स्टे बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव को शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा।
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पीएम मोदी ने 12 अक्तूबर को चीन सीमा पर व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश के दर्शन किए। इसके बाद आदि कैलाश, ओम पर्वत के साथ ही दारमा घाटी स्थित पंचाचूली दर्शन के लिए काफी पर्यटक यहां पहुंचे। सरकार वाइब्रेंट विलेज घोषित गांवों के समग्र विकास की नीति को लेकर कार्य कर रही है।
इसी के तहत इन गांवों में पर्यटन सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। दो मंजिल वाले ये होम स्टे आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की दिक्कत न हो। इससे आने वाले समय में व्यास, दारमा के साथ ही हिमनगरी मुनस्यारी के सुदूर प्राकृतिक रूप से खूबसूरत मिलम क्षेत्र में भी पर्यटकों को सुविधा मिल सके।
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इन जगहों के प्रस्ताव किए हैं तैयार
केएमवीएन ने व्यास घाटी के गुंजी, नाबी, रौंगकौंग, गर्ब्यांग, कुटी, दारमा के बालिंग, मार्छा और मुनस्यारी के मिलम मार्ग पर नीलम, बुर्फू में होम स्टे बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार किए हैं।
अभी नौ वाइब्रेंट विलेज में 14 करोड़ रुपये की लागत से 35 होम स्टे बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन से मंजूरी मिलने पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - गिरीश चंद्र भट्ट, अवर अभियंता, केएमवीएन