नए साल के जश्न के लिए खलियाटॉप पहुंचे दिल्ली और नोएडा के छह पर्यटक भारी बर्फबारी के चलते खलियाटॉप में ही फंस गए। रास्ता बंद होने के कारण ये लोग वापस मुनस्यारी नहीं लौट पाए। खलियाटॉप में रिजॉर्ट संचालक सुरेंद्र पंवार के इन्हें अपने रिजॉर्ट में रुकने के लिए जगह देने पर सभी ने चैन की सांस ली अन्यथा बच्चों के साथ इन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ सकती थी। सोमवार को खुद सुरेंद्र पंवार की मदद से यह लोग सुरक्षित मुनस्यारी पहुंच गए हैं।
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नए साल के जश्न के लिए खलियाटॉप पहुंचे दिल्ली और नोएडा के छह पर्यटक भारी बर्फबारी के चलते खलियाटॉप में ही फंस गए। रास्ता बंद होने के कारण ये लोग वापस मुनस्यारी नहीं लौट पाए। खलियाटॉप में रिजॉर्ट संचालक सुरेंद्र पंवार के इन्हें अपने रिजॉर्ट में रुकने के लिए जगह देने पर सभी ने चैन की सांस ली अन्यथा बच्चों के साथ इन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ सकती थी। सोमवार को सुरेंद्र पंवार की मदद से यह लोग सुरक्षित मुनस्यारी पहुंच गए हैं।
नोएडा की ऐश्वर्या चौहान अपने परिवार के साथ और दिल्ली के आलोक वर्मा अपने बच्चों नितिन बासु, राहुल निगम और सत्यपाल के साथ 31 दिसंबर की रात खलियाटॉप पहुंच गए थे। इन लोगों ने रविवार दोपहर बाद मुनस्यारी लौटना का कार्यक्रम था, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते पैदल रास्ता बर्फ से ढकने के कारण यह लोग मुनस्यारी नहीं लौट पाए।
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बाद में किसी तरह रिजॉर्ट संचालक और मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार से इन्होंने संपर्क साधा। सुरेंद्र पंवार ने बताया कि बर्फबारी के बीच छोटे बच्चों को पैदल रास्ते से ला पाना संभव नहीं था। सोमवार की सुबह खलियाटॉप में बर्फबारी थमने के बाद इन लोगों को मुनस्यारी लाया गया है। यह लोग मंगलवार को दिल्ली और नोएडा लौट जाएंगे।
दिल्ली निवासी आलोक वर्मा ने बताया कि बर्फबारी के बीच थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन कुदरत का ऐसा चमत्कार पहली बार देखने को मिला। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार जाड़ों के सीजन में फिर से मुनस्यारी घूमने आएंगे और खलियाटॉप जरूर जाएंगे। खलियाटॉप में उनके अलावा नए साल के जश्न के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे।