मुनस्यारी घूमने पहुंचे चेकोस्लोवाकिया के पर्यटक।
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पर्यटन नगरी मुनस्यारी में इन दिनों देशी, विदेशी पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। सभी होटलों में कमरे पैक हो जाने के कारण पर्यटकों को थल और मदकोट का रुख करना पड़ रहा है। नगर में सुविधाओं की कमी भी पर्यटकों को भारी परेशानी में डाल रही है। इन दिनों मुनस्यारी के सभी होटल, आवासगृह, होम स्टे पूरी तरह भरे हैं। पहले से बुकिंग हो जाने के कारण नई बुकिंग नहीं की जा रही है। एक मोटे अनुमान के अनुसार रोजाना यहां पर 500 से लेकर 700 तक पर्यटक पहुंच रहे हैं।
पर्यटकों को सबसे पहली परेशानी थल से मुनस्यारी तक के 70 किलोमीटर के सफर में होती है। रातीगाड़, हरड़िया नाला, गिनी बैंड में सड़क की हालत बेहद खराब है। चेकोस्लोवाकिया के पर्यटक व्लाडिस्लैव पोडरेकी, कैटरीन पोडरेकी, पीटर ट्रोजन, जैन बोडलेक ने बताया कि यदि रोड की हालत ठीक हो तो थल से मुनस्यारी आने में पांच घंटे का समय नहीं लगता। इन विदेशी पर्यटकों की व्यवस्था कोलकाता की कॉसमास टूर एजेंसी ने की है।
मुनस्यारी में एकमात्र सुलभ शौचालय बंद पड़ा है। नगर में स्ट्रीट लाइट न होने के कारण पर्यटक शाम छह बजे के बाद घूम नहीं पाते। मुनस्यारी का 54 बार भ्रमण कर चुके चलोजाइ कंपनी कोलकाता के प्रबंधक मनीष कुमार का कहना है कि यहां पर पर्यटक तो बढ़े हैं लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ पाई हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए पर्यटन की ढांचागत सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। स्थानीय होटल व्यवसायियों और व्यापार संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मुनस्यारी में तत्काल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए और पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने वाले कदम उठाए जाएं।