खोतिला जाने वाले रास्ते में भारी भूकटाव
- फोटो : अमर उजाला
नगर से 800 मीटर की दूरी पर स्थित खोतिला कस्बे को जाने वाले मुख्य पैदल मार्ग के पास भारी भूकटाव हो गया है। रास्ते में भी दरारें आ गई हैं। इस तरह की घटना से लोग भारी दहशत में हैं। पैदल रास्ते से रोज सैकड़ों लोग और स्कूली बच्चे आवाजाही करते हैं। इस स्थिति से लोग काफी घबराए हैं।
बताया गया है कि धारचूला से खोतिला जाने वाले रास्ते की चट्टान रविवार की रात अचानक दरक गई। चट्टान दरकने से पैदल रास्ते में दरार पड़ गई। खोतिला कस्बे में 400 परिवार रहते हैं। कई वर्षों से यह रास्ता भूस्खलन के कारण टूटते रहता है। 2013 की आपदा में रास्ता टूटने के बाद एक वर्ष तक लोगों को 300 मीटर ऊपर से घूमते हुए चलना पड़ा था। अभी हाल ही में इस नए रास्ते को बनाया गया था मगर अब नया रास्ता भी खतरे की जद में आ गया है। आज लोगों ने तहसील प्रशासन को घटना की जानकारी दी।
पटवारी हुकुम सिंह ने बताया कि फिलहाल लोगों को सुरक्षा के लिहाज से यह रास्ता बंद कर दिया गया है और लोगों से पुराने रास्ते से जाने को कहा गया है। स्थानीय निवासी कृष्ण सिंह नपलच्याल, जगदीश बुदियाल का कहना है कि पुराने रास्ते में भी काफी दरारें आई हैं, जिस कारण वहां भी खतरा बना हुआ है।
लोगों का कहना है कि चैतलकोट में भी वर्ष 2010 में इसी तरह के दरारें पड़ने से भारी भूस्खलन हुआ था। यदि खोतिला के पास की पहाड़ी में ज्यादा भूकटाव होता है तो महाकाली के प्रवाह पर भी असर पड़ेगा क्योंकि सारा मलबा सीधे महाकाली में ही गिर रहा है। खोतिला कस्बा भी इससे खतरे की जद में आ जाएगा।