नया बस्तड़ी बसाने को लेकर चल रहे अभियान में अब इंजीनियर भी शामिल हो गए हैं। इंजीनियरों का कहना है कि अमर उजाला फाउंडेशन ने नया बस्तड़ी बसाने के लिए जो पहल की है, उसमें सभी को सहयोग देना चाहिए। साथ ही इस बात का ध्यान दिया जाए कि नया बस्तड़ी बसाते समय मास्टर प्लान के मानक लागू किए जाएं। पानी निकासी का उचित प्रबंध हो। इस मामले में किसी प्रकार के तकनीकी सहयोग की जरूरत होगी तो इंजीनियर उसे देने के लिए तैयार हैं। इंजीनियरों का यह भी कहना है कि पहाड़ पर यदि कहीं आपदा आती है तो वहां के लोगों को पहाड़ पर ही बसाने की कोशिश की जाए। बस्तड़ी के लोगों ने इसकी शुरुआत कर दी है। आने वाले समय में बस्तड़ी के लोगों की यह पहल बड़ी नजीर बन जाएगी।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल सराहनीय
लोनिवि के ईई पीसी जोशी का कहना है कि नया बस्तड़ी बसाने में अमर उजाला फाउंडेशन ने जो पहल की है वह सराहनीय है। लोगों को चाहिए कि फाउंडेशन को सहयोग करें। वह कहते हैं कि बस्तड़ी के लोगों ने जो साहस दिखाया है उसमें सभी को सहयोग देना चाहिए। आज जिस तरह तमाम संस्थाएं सामने आ रही हैं वह काबिलेतारीफ है।
नया बस्तड़ी को मास्टर प्लान से बसाएं
इंजीनियर विनीत सैनी का कहना है कि नया बस्तड़ी को मास्टर प्लान से बसाया जाए। वहां पर सबसे पहले बरसाती पानी के निकास की व्यवस्था हो। घरों के आगे पानी जमा न हो ऐसी व्यवस्था की जाए। यदि लोग नया बस्तड़ी बसाते समय इसके लिए किसी प्रकार का तकनीकी सहयोग चाहेंगे तो जरूर दिया जाएगा। वह कहते हैं हम बस्तड़ी के लोगों के साथ हैं।
लोगों की पहल स्वागत योग्य कदम
इंजीनियर विजय बिष्ट कहते हैं कि यदि बस्तड़ी के लोग खुद पहल नहीं करते तो शायद अन्य लोग आगे नहीं आते। बस्तड़ी के लोगों ने खुद पहल की है। अब सभी को सहयोग करना चाहिए। वह कहते हैं कि ऐसे अवसर कम सामने आते हैं, जब आपदा से पीड़ित लोग खुद ही दिशा तय करते हैं और आगे चलकर यही दिशा एक कारवां में बदल जाती है।
बस्तड़ी के लोगों ने नया संदेश दिया
इंजीनियर वीएस ठाकुर का कहना है कि बस्तड़ी के लोगों ने नया संदेश दिया है। इंजीनियर संघ बस्तड़ी के लोगों की पूरी मदद के लिए तैयार है। यह कोशिश की जाएगी कि बस्तड़ी के लोगों को पूरी तकनीकी मदद दी जाए। यदि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई आती है तो उसके लिए बिना संकोच बताएं। उनकी पूरी मदद की जाएगी।