कनालीछीना तहसील के कंडाली ग्राम पंचायत के अंतर्गत रिठगढ़ निवासी हवलदार रवींद्र सिंह दिगारी (52) पुत्र बहादुर सिंह दिगारी नगालैंड के थैख क्षेत्र में गश्त के दौरान आतंकियों द्वारा बिछाई गई माइंस की चपेट में आकर शहीद हो गए। शुक्रवार को पीपली में महाकाली के तट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। भारी संख्या में लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी।
46 असम रायफल्स में तैनात हवलदार रवींद्र सिंह इस समय नगालैंड में ड्यूटी दे रहे थे। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ यहां पहुंचे असम रायफल्स के नायब सूबेदार तेज सिंह और हवलदार राजेंद्र सिंह ने बताया कि सात मार्च को नगालैंड के थैख क्षेत्र में जवानों की एक टुकड़ी गश्त पर थी, तभी रवींद्र सिंह आतंकियों की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंग की चपेट में आ गए। वह मौके पर ही शहीद हो गए। शहीद के पार्थिव शरीर को पहले विमान से दिल्ली लाया गया। फिर सड़क मार्ग से शुक्रवार को दोपहर बाद उनके गांव पहुंचाया गया।
शहीद के घर पर 80 वर्षीय मां लीला देवी, पत्नी निर्मला देवी हैं। उनकी दो बेटियों की शादी पहले ही हो गई थी। बेटा अमित सेना में कार्यरत है। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए विधायक विशन सिंह चुफाल, हिमांशु ओझा, प्रधान होशियार सिंह समेत तमाम लोग उनके गांव रिठगढ़ पहुंचे। शहादत की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर है।