भूस्खलन, भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील पिथौरागढ़ जिले में अब मौसम विभाग के सहयोग से डॉप्लर वेदर रडार लगाने की तैयारी हो रही है। इस रडार को स्थापित करने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। इसके लिए कम से कम 15 गुणा 15 फुट की जगह की जरूरत होगी। आपदा प्रबंधन विभाग, राजस्व विभाग की टीम ने जगह की तलाश के लिए चंडाक, डीडीहाट, बेड़ीनाग आदि स्थानों का दौरा किया। इन स्थानों पर जगह का चिन्हीकरण कर लिया गया है और मौसम विभाग को उसकी जानकारी दी जाएगी।
अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर ने बताया कि मौसम के पूर्वानुमान को ज्यादा प्रामाणिक ढंग से सामने लाने के लिए यह रडार लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्थान चुनने का अंतिम फैसला मौसम विभाग की टीम ही करेगी। उन्होंने बताया कि रडार लगने पर मौसम के बारे में सटीक और समय पर जानकारी मिल सकेगी। वैसे मौसम विभाग ने चार साल पहले यहां पर ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम लगा रखा है, लेकिन उसके सारे आंकड़े स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हो पाते।
डॉप्लर वेदर रडार से स्थानीय स्तर पर भी मौसम का पूर्वानुमान मिल जाएगा। एडीएम ने बताया कि यह रडार जल्दी स्थापित हो जाएगा। आने वाले समय में मौसम के बारे में ज्यादा प्रामाणिक जानकारियां मिलने लग जाएंगी। मौसम विभाग अपने तकनीशियनों की टीम रडार को स्थापित करने के लिए यहां भेजेगी।