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Pithoragarh News: कनालीछीना पशु अस्पताल में दिन के 12 बजे मिले ताले, निराश लौटे पशुपालक

Sat, 25 Oct 2025 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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कनालीछीना पशु अस्पताल का बंद गेट और कर्मचारियों का इंतजार करते पशुपालक। संवाद
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कनालीछीना। पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के तमाम दावे हो रहे हैं। इसके लिए कई सरकारी योजनाएं भी चलाईं जा रही हैं। सीमांत जिले में सभी दावे और योजनाएं हवाई साबित हो रही हैं। कनालीछीना पशु चिकित्सालय में दोपहर 12 बजे तक लटके ताले इसका प्रमाण हैं। पशुपालक पशुओं के इलाज और दवा के लिए अस्पताल तो पहुंचे। यहां ताले लटके मिले और पशुपालकों को निराश होकर लौटना पड़ा।
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दिवाली पर पांच दिन तक सभी पशु अस्पताल बंद रहे। दिवाली के बाद पशुपालक पशुओं के इलाज और दवा के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं लेकिन अस्पतालों के दरवाजे अब भी नहीं खुले हैं। कनालीछीना क्षेत्र के 35 से अधिक गांवों के पशुपालकों के पशुओं का इलाज करने के लिए विकासखंड मुख्यालय से सिर्फ 500 मीटर दूर पशु अस्पताल खोला गया है। शनिवार को करीब डेढ़ किलोमीटर का पैदल सफर कर कनालीछीना क्षेत्र के पशुपालक पशुओं के इलाज और इनके लिए दवा मांगने विकासखंड मुख्यालय के पशु अस्पताल पहुंचे। कई घंटे इंतजार के बाद अस्पताल के गेट खोलने कोई नहीं पहुंचा। दोपहर 12 बजे तक न तो पशु चिकित्सक के दर्शन हुए और न अन्य कर्मचारी के। पशुओं के इलाज के लिए खोला गया यह अस्पताल पशुपालकों के कोई काम न आया। मजबूरन गुड़ौली, सतगढ़, डुंगरी सहित अन्य क्षेत्रों के पशुपालकों को निराश होकर लौटना पड़ा। दोपहर तक अस्पताल के ताले न खुलना पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के सभी दावों को हवाई साबित कर रहा है। संवाद
हम टीकाकरण में गए हैं इसलिए बंद है अस्पताल
कनालीछीना पशु अस्पताल के सभी दरवाजों पर ताला लटका मिला। बाहर नोट चस्पा मिला इस पर लिखा गया था कर्मचारी टीकाकरण में गए हैं इसलिए अस्पताल बंद है। पशु अस्पताल आकस्मिक सेवा में शामिल है। नियमों के मुताबिक अस्पताल में किसी न किसी कर्मी की तैनाती होनी चाहिए ताकि वह पशुपालकों की समस्याओं का समाधान कर सके। कनालीछीना पशु अस्पताल में एक भी कर्मचारी का न मिलना विभाग की लापरवाही उजागर कर रहा है।
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बोले पशुपालक
मैं कुत्ते के इलाज के लिए कनालीछीना पशु अस्पताल पहुंचा। घंटों इंतजार के बाद भी अस्पताल नहीं खुला। ऐसे में बैरंग लौटना पड़ा। पशु अस्पताल में नियमित तौर पर कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए। - राकेश कापड़ी, सतगढ़

गुड़ौली से पशुओं की दवा के लिए अस्पताल पहुंचा। अस्पताल बंद मिला। बोर्ड पर पशुपालन कर्मियों ने टीकाकरण में जाने की बात लिखी गई थी। सभी कर्मचारी टीकाकरण में जाएंगे तो पशुपालकों को अस्पतालों में दवा कौन देगा। - पवन पांडे, गुड़ौली
कोट
कनालीछीना पशु चिकित्सालय में डॉक्टर तैनात हैं। अस्पताल बंद क्यों था इसकी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - डॉ. योगेश शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पिथौरागढ़
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