कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर इस बार भी एसडीआरएफ तैनात होगी। देहरादून से तीन उपनिरीक्षक, चार हेडकांस्टेबल, 23 कांस्टेबल समेत कुल 32 लोग यहां पहुंचेंगे। इनको गाला, बूंदी, गुंजी और धारचूला में तैनात किया जाएगा। धारचूला में एसडीआरएफ का हेडक्वार्टर रहेगा। टीम यात्रा शुरू होने से पहले निर्धारित स्थानों पर पहुंच जाएगी।
पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने बताया कि एसडीआरएफ की यह टीम पुलिस के अतिरिक्त होगी। पिछले वर्ष भी यात्रा मार्ग पर एसडीआरएफ को तैनात किया गया था। एसडीआरएफ ने यात्रियों की मदद की थी। उन्होंने कहा कि देहरादून से यहां पहुंचने पर एसडीआरएफ के जवानों की ब्रीफिंग की जाएगी। उनको यात्रा मार्ग पर ड्यूटी देने के तरीके बताए जाएंगे। मई के अंत तक यह लोग यात्रा मार्ग पर निर्धारित स्थानों में तैनात हो जाएंगे। एसपी ने बताया कि एसडीआरएफ की यात्रा मार्ग में भूमिका पुलिस से भिन्न रहेगी। पुलिस यात्रा मार्ग में संचार सुविधा तथा यात्री दलों के साथ तैनात रहने का काम करती है लेकिन एसडीआरएफ कहीं पर बड़ी दिक्कत आने पर तत्काल रेस्क्यू करेगी। यात्रा को लेकर पुलिस ने बड़ी तैयारी की है। पुलिस का अपना वायरलेस सिस्टम यात्रा मार्ग पर सक्रिय होगा। उसमें कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
धारचूला से आगे दो मार्गों का विकल्प
धारचूला (पिथौरागढ़)। कैलास मानसरोवर यात्रियों के लिए धारचूला से आगे दो मार्गों का विकल्प रखा जाएगा। एक मार्ग तो नारायण आश्रम होते हुए सिर्खा पड़ाव के लिए जाएगा। यदि इस रास्ते में कोई दिक्कत होगी तो यात्रियों को मांगती से गाला लाया जाएगा। धारचूला से नारायण आश्रम वाले मार्ग के अक्सर बंद होने की संभावना रहती है।
आधार शिविर में आते जाते समय रुकेंगे यात्री
धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला आधार शिविर में कैलास मानसरोवर यात्री आते और जाते समय अनिवार्य रूप से रुकेंगे। इसीलिए आधार शिविर की व्यवस्थाओं को बेहतरीन ढंग से अंजाम दिया जा रहा है। कुमाऊं मंडल विकास निगम आधार शिविर में कम से कम आठ कर्मचारी तैनात करेगा। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि धारचूला आधार शिविर में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहेंगी।