धारचूला पहुंचे 16वें दल के कैलाश यात्री
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कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर 16वें दल के सदस्य बृहस्पतिवार को आधार शिविर धारचूला पहुंच गए। इस दल को 13 अगस्त की देर रात आई आपदा के बाद सिर्खा पड़ाव से वापस धारचूला बुलाया गया और बाद में हेलीकॉप्टर से यात्रियों को गुंजी तक छोड़ा गया।
11 महिलाओं सहित 46 यात्रियों वाले इस दल के कैलाश दर्शन को लेकर पहले संशय बना था। कैलाश दर्शन से उत्साहित यात्रियों ने कहा कि यह यात्रा विषम हालत में पूरी हो गई। जिला प्रशासन, आईटीबीपी और कुमाऊं मंडल विकास निगम के सहयोग पर यात्रियों ने आभार जताया।
यात्रियों ने कहा कि 1998 के बाद फिर से मालपा में हादसा होना आत्मबल को तोड़ने वाली घटना थी, लेकिन प्रशासन के इंतजाम ने लोगों की इच्छा को पूरा कर दिया। दल में शामिल गुजरात के दंपति सुनील पटेल और दीपिका पटेल ने इस बार की यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए अगले साल फिर आने की इच्छा जताई।
पांचवीं बार यात्रा पर गए कोलकाता निवासी डा. निरंजन ने बताया कि इस बार भोलेनाथ की इच्छा से ही सभी सदस्य यात्रा पूरी कर पाए हैं। यात्राधिकारी आरसी जोशी एवं प्रबंधक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि वर्ष 2017 के अंतिम 18वें दल के 34 यात्री बृहस्पतिवार को लिपुलेख से तिब्बत के तकलाकोट में प्रवेश कर चुके हैं तथा सत्रहवां दल कैलाश परिक्रमा पर है। 16वें दल के यात्री शुक्रवार को पिथौरागढ़ होते हुए जागेश्वर को रवाना होंगे।