आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय में कैलाश यात्रियों का स्वागत करता छलिया दल
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कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहा दसवां दल बुधवार शाम आधार शिविर धारचूला पहुंच गया है। इससे यात्रियों को डीडीहाट पर्यटक आवासगृह में दोपहर के भोजन में भट का चुड़कानी, चटनी और खीर परोसी गई। बाद में यात्रियों का आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में स्वागत हुआ। यात्रियों के स्वागत के लिए छलिया दल पहले से तैयार थे।
दसवें दल में 16 महिलाएं सहित 60 यात्री हैं। जनसंपर्क अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने कहा कि कुमाऊं के पहाड़ों का प्राकृतिक सौंदर्य काफी अच्छा है। लोगों को चाहिए कि वह प्रकृति का संरक्षण करें। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में बरती जाने वाली सावधानी की जानकारी दी। कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम अक्सर बदलता रहता है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी जगह पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। यात्रियों के स्वागत के समय हरवंश लाल, कुलदीप सिंह, डा. गिरीश कुमार, दीपक गोगई आदि थे।
इधर, आईटीबीपी नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश यात्रियों का छठा दल वापसी में बुधवार को बूंदी पहुंचा है। सातवां दल कैलाश परिक्रमा क्षेत्र में कुगू में और आठवां दल तकलाकोट में है। 9वें दल के सदस्य बुधवार को गुंजी पहुंच गए हैं। इस बार कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर कुल 18 दल जाएंगे। अब तक पांच दल यात्रा पूरी कर दिल्ली लौट चुके हैं।