थल में लोगों से मुलाकात करते कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत
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वित्त और आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सरकार यह कोशिश कर रही है कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों को थल के प्राचीन शिव मंदिर और एकहथिया देवाल के दर्शन कराए जाएं। यात्रियों का रूट चार्ट इस तरह बनाया जाएगा कि वह कुछ देर थल में भी रुक सकें। बुधवार को पिथौरागढ़ से बागेश्वर जाते समय कुछ देर थल में रुके प्रकाश पंत ने कहा कि थल के ऐतिहासिक मेले को राजकीय मेला घोषित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों को किसी भी दशा में स्कूल और अस्पताल के नजदीक नहीं खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इसका पालन कराना स्थानीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है। पत्रकारों से बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों को बंद करने का विचार किया जा रहा है। ऐसे स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में समायोजित कर उनकी व्यवस्था सुधारी जाएगी। उन्होंने कहा कि थल में कई मंदिर हैं। इन मंदिरों के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जानकारी मिलनी चाहिए। सरकार कैलाश मानसरोवर यात्रियों को भी थल के मंदिरों के दर्शन कराने की योजना बना रही है।
पंत ने कहा कि प्रदेश में पेयजल संकट दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वह पेयजल सप्लाई बनाए रखने के लिए सजग रहें। उन्होंने कहा कि इस समय स्वैप के तहत बनने वाली पेयजल योजनाओं पर रोक लगाई गई है। आने वाले समय में स्वैप के तहत कुछ पेयजल योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया, शमशेर सत्याल, गिरीश जोशी, मनोहर सत्याल, चिंतामणि जोशी, गंगा सिंह मेहता आदि लोग थे। मंत्री कुछ देर यहां रुकने के बाद चौकोड़ी होते हुए बागेश्वर को रवाना हो गए।