छलिया दल के साथ थिरकते कैलास यात्री
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कैलास मानसरोवर यात्रा पर जा रहे 12वें दल के सदस्यों का डीडीहाट पहुंचने पर स्वागत किया गया। यात्रियों को दोपहर के भोजन में भट के डुबके एवं अन्य व्यंजन परोसे गए। बाद में यात्रियों का आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय में दल का छलिया नृत्य के साथ स्वागत हुआ।
12वें दल के लायजन आफीसर बालाजी मजूमदार ने बताया कि दल में 29 पुरुष और 6 महिला यात्री सहित कुल 35 यात्री शामिल हैं। सावन माह में शिव दर्शन का सौभाग्य मिलने से यात्री उत्साहित हैं। दल का पर्यटक आवास गृह में मैनेजर आनंद आर्या के नेतृत्व में स्वागत किया गया। यात्रियों को दोपहर के भोजन में पहाड़ी दाल, भट्ट के डुबके, पहाड़ी चावल की खीर, रायता परोसा गया। आईटीबीपी मिर्थी पहुंचने पर दल का छलिया नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया। कई यात्री छलिया नृत्य पर जमकर थिरके। आईटीबीपी के प्रभारी सेनानायक मनदीप डांडा ने यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र और वहां लगातार बदलते मौसम की जानकारी दी।
दल में सबसे बुजुर्ग यात्री तमिलनाडु निवासी 69 वर्षीय ज्ञान प्रकाश और सबसे छोटे यात्री दिल्ली निवासी 26 वर्ष के रिषभ शर्मा ने कहा कि सावन के पवित्र माह में शिव धाम की यात्रा मंगलकारी होती है। इस मौके पर वाहिनी की डा. प्रिया शर्मा सहित तमाम अधिकारी और जवान मौजूद रहे।