पिथौरागढ़ पर्यटक आवासगृह में कैलाश यात्रियों का पहला दल
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कैलाश मानसरोवर यात्रियों के पहले दल का शनिवार को पर्यटक आवासगृह में स्वागत हुआ। आधार शिविर धारचूला से आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय होते हुए जब अपरान्ह एक बजे यात्री पर्यटक आवासगृह पहुंचे तो उनका बुरांश के जूस से स्वागत हुआ। उसके बाद यात्रियों को दोपहर भोजन में भटिया (भट के दाने पीसकर बनाया गया व्यंजन), गहत के डुबके, रायता, भांग की चटनी परोसी गई। भोजन के बाद यात्रियों को अन्नपूर्णा के मलाई के लड्डू खिलाए गए।
पहले दल में 16 महिलाओं समेत 54 यात्री हैं। दल के जनसंपर्क अधिकारी चंद्रमौली टी कुमार ने कहा कि अब तक की यात्रा बेहद आनंददायक रही। किसी भी यात्री को कोई परेशानी नहीं हुई। पूरे सफर में मौसम सुहावना मिला। पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बाद में यात्रियों से मानसरोवर वाटिका में पौधरोपण कराया। यात्री दोपहर भोजन के बाद जागेश्वर को रवाना हो गए। रविवार को यात्री दिल्ली जाएंगे। दिल्ली में ही पहले दल की यात्रा का समापन होगा। पहले दल में कुमाऊं मंडल विकास निगम के गाइड भूपेंद्र सिंह हैं।
रोपे गए पौधे की देखभाल करें
पिथौरागढ़। पहले दल में शामिल हंसराज गोयल और बादल डे ने 2015 में भी कैलाश मानसरोवर की यात्रा की थी। तब भी उन्होंने यहां मानसरोवर वाटिका में पौधरोपण किया था। अपने रोपे पौधे की प्रगति देखकर दोनों यात्री बेहद खुश हुए। कहा कि केएमवीएन के कर्मचारियों ने इन पौधों को पाल-पोसकर बड़ा किया है, जो पौधा वह आज रोप रहे हैं, उसकी भी इसी तरह देखभाल करें।
दूसरा दल आज भारतीय क्षेत्र में लौटेगा
डीडीहाट। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए दूसरे दल के सदस्य रविवार को लिपुलेख दर्रा पार कर भारतीय क्षेत्र में आ जाएंगे। ठीक उसी समय चौथे दल के यात्री लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश करेंगे। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के मिर्थी स्थित नियंत्रण कक्ष के अनुसार दूसरे दल के यात्री वापसी में शनिवार को तकलाकोट में हैं। तीसरे दल के यात्री कैलाश परिक्रमा क्षेत्र डेरापुक में हैं। चौथे दल के यात्री शनिवार को नाभीढांग में रुके हैं। यह दल रविवार सुबह नाभीढांग से लिपुलेख के लिए रवाना होगा। पांचवें दल के यात्रियों ने शनिवार को सिर्खा से गाला तक का सफर पूरा किया।