धारचूला/पिथौरागढ़। बीआरओ ने कड़ी मशक्कत के बाद चीन सीमा को जोड़ने वाला कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग चौथे दिन खोल दिया है। सड़क खुलने के बाद पिछले चार दिनों से मार्ग पर फंसे लोग धारचूला के लिए रवाना हुए। बुधवार सुबह घाट बैंड के पास मलबा आने से पिथौरागढ़-घाट सड़क पर भी यातायात बाधित रहा। 18 सड़कें अभी भी बंद हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग मलघाट, पेलसिती और गस्कू में बोल्डर गिरने से बंद हो गया था। मलघाट और पेलसिती में सड़क खोल दी गई थी लेकिन लगातार मौसम खराब होने से गस्कू में चट्टानों को नहीं हटाया जा सका था। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग रास्ते में ही फंस गए थे। बुधवार को बीआरओ ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर यातायात सुचारु कराया।
वाहनों का संचालन शुरू होते ही गुंजी से लौटते समय पांगला में फंसे लगभग 40 लोग धारचूला को रवाना हुए। इंजी. महेंद्र सिंह गुंज्याल, डॉ. अमर सिंह गुंज्याल सहित अन्य लोगों ने बताया कि तीन दिन तक पांगला में फंसे रहने से तमाम परेशानियां उठानी पड़ी। उन्होंने पांगला पुलिस की ओर से ठहरने और खाने की व्यवस्था सहित अन्य सहयोग के लिए पुलिस का आभार जताया।
सात घंटे बंद रही पिथौरागढ़ की लाइफ लाइन
मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़ की लाइफ लाइन पिथौरागढ़-घाट सड़क पर मलबा आ गया। घाट बैंड के पास सुबह चार बजे मलबा आने से वाहनों का संचालन ठप रहा। सुबह लगभग 10:30 बजे मलबे को हटाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। सड़क बंद होने से समाचार पत्र, दूध, ईंधन के वाहन देरी से पिथौरागढ़ पहुंचे। बसें और यात्री जीपें भी मार्ग में फंसी रही। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
जिले की ये सड़कें हैं बंद
मुनस्यारी-मिलम, क्वीटी-मुनस्यारी, बगीचा-सिन्याखोला, मुनस्यारी-मिलम बुई, तवाघाट-सोबला उमचिया, नाचनी-भैंसकोट, बांसबगड़-कोटापंद्रपाला, डीडीहाट-आदिचौरा हुनेरा, खुम्ती-कटौलिया, मदकोट-बोना झापुली, ऐलागाड़-जुम्मा, मदकोट-तोमिक, घटियाबगड़-तांकुल, डीडीहाट-देवीसूना, आदिचौरा-सीणी, गस्कू-जयकोट, होकरा-नामिक और देवीसूना-खेतारकन्याल जमतड़ी।
बेड़ीनाग-राइआगर सड़क पर आया मलबा
बेड़ीनाग। बेड़ीनाग सेराघाट राईआगर मोटर मार्ग में धारीचूरा के पास बुधवार शाम अचानक पहाड़ी दरकने से मलबा और बोल्डर आ गए। दोनों ओर वाहन फंस गए। देर शाम तक सड़क नहीं खुली थी। संवाद
सेराघाट-बेड़ीनाग सड़क रात से बंद
गणाई गंगोली। सेराघाट-बेड़ीनाग सड़क पपर सेराघाट से गणाई गंगोली के बीच चार जगहों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा। डेंजर जौन चौकी बैंड के पास चट्टान से लगातार पत्थर गिरने के कारण जेसीबी मशीन कार्य नहीं कर पा रही थी। बारिश बंद होने के बाद 10 बजे से सड़क खोलने का कार्य शुरू किया गया। वहां तहसीलदार देवांश प्रताप, अधिशासी अभियंता एमके भट्ट, एई दीपक कोरंगा टीम सहित उपस्थित रहे। संवाद
15 घंटे बंद रही थल-मुनस्यारी सड़क
नाचनी (पिथौरागढ़)।क्षेत्र में मंगलवार शाम से बुधवार सुबह छह बजे तक मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से थल मुनस्यारी सड़क रातिगाड़ और हरड़िया में मंगलवार शाम छह बजे से बुधवार नौ बजे 15 घंटे बाद खुली। मुनस्यारी पिथौरागढ़ और हल्द्वानी जाने वाले यात्रियों को तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा। लोनिवि ने जेसीबी से नौ बजे यातायात बहाल किया। संवाद
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