कैलास मानसरोवर की यात्रा पर गए प्रथम दल के 57 यात्रियों ने कैलास मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर ली है और वापसी में यह दल शनिवार को तकलाकोट पहुंच गया। दो जुलाई को दल के सदस्य पिथौरागढ़ पहुंच जाएंगे। रास्ता खराब होने के कारण एक दिन धारचूला में रुके चौथे दल के 56 यात्री आज मांगती, पांगला होते हुए सीधे गाला पड़ाव पहुंच गए। यदि दल के सदस्य सड़क ठीक होने पर शुक्रवार को धारचूला से निकलते तो उन्हें नारायण आश्रम होते हुए सिर्खा में रात्रि विश्राम करना पड़ता।
शेड्यूल के अनुसार आज दल के सदस्यों को गाला ही पहुंचना था। यात्रियों को दूसरे वैकल्पिक मार्ग से ले जाया गया। तवाघाट से नारायण आश्रम की ओर जाने के बजाए उनको मांगती, पांगला से ले जाया गया। मांगती तक वाहन चलते हैं। प्रशासन ने इस मार्ग को विकल्प के तौर पर खुला रखने का फैसला लिया था। चौथे दल के यात्रियों को आज सुबह छह बजे धारचूला से आगे ले जाया गया। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार आज दूसरे दल के 53 यात्री आज तिब्बत के डेरापुक में हैं।
वह कैलास पर्वत की परिक्रमा कर रहे हैं, जबकि तीसरे दल के 48 सदस्यों ने आज गुंजी से नाभीढांग तक का सफर पूरा किया। बारिश के कारण गुंजी से नाभीढांग के बीच कई बरसाती नाले उफान पर हैं। इन स्थानों पर आईटीबीपी की रेस्क्यू टीम ने यात्रियों की मदद की। नंफा नाले में पानी तेजी से बह रहा है। आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि हर खतरनाक स्थान पर आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीम तैनात है। यात्रियों को आगे बढ़ाने में पूरी सावधानी और सतर्कता बरती जा रही है।