दोबाट में सड़क बंद होने से फंसा कैलास यात्रियों का दल
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे दसवें दल के सदस्यों को बुधवार को भारी दिक्कत हुई। आधार शिविर धारचूला से नारायणआश्रम जाते समय कुलाघाट और दोबाट में मलबा आने के कारण रोड बंद होने से यात्रियों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। यात्री सुबह आठ बजे धारचूला से निकले थे। नौ बजे जैसे ही दोबाट में पहुंचे, वहां रोड बंद थी। दोबाट में मलबा हटाने के बाद यात्रियों को कुलाघाट में भी सड़क पर आए मलबे के कारण 12 बजे तक इंतजार करना पड़ा।
एसडीएम एसके पांडे ने बताया कि मंगलवार रात हुई बारिश को देखते हुए सीमा सड़क संगठन को पहले ही अलर्ट कर दिया गया था, लेकिन सीमा सड़क संगठन ने बुधवार सुबह कोई तैयारी नहीं की थी। कुलाघाट में तो मलबा हटाने के लिए जेसीबी भी उपलब्ध नहीं थी। यात्रियों ने इस तरह की अव्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है। दल के लायजन आफीसर मोलो चंद्रन चक्रवर्ती ने कहा कि प्रशासन को रोड खोलने के लिए पहले से व्यवस्था करनी चाहिए थी और रोड खुलने से पहले यात्रियों को रवाना नहीं करना चाहिए था।
यहां बता दें कि यात्रा पूरी कर लौट रहे पांचवें दल के सदस्य भी रोड बंद होने के कारण दो दिन पहले बगड़ीहाट में फंसे रह गए थे। धारचूला से तवाघाट और तवाघाट से मांगती तथा नारायणआश्रम जाने वाली सड़क इन दिनों खतरनाक हालत में है। रोड पर जगह-जगह मलबा पटा है।
यात्रियों को आपात स्थिति से निपटने की जानकारी दी
एसडीआरएफ की टीम ने बुधवार सुबह आधार शिविर में कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे दसवें दल के सदस्यों को आपात स्थिति से निपटने की जानकारी दी। एसडीआरएफ के प्रभारी निरीक्षक अशोक परिहार ने यात्रियों का स्वागत किया। कहा कि धारचूला से बूंदी तक यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और चट्टानों के टूटने का खतरा बना रहता है। कहा कि ऐसे स्थानों पर किसी प्रकार का जोखिम न लिया जाए और अपने ग्रुप को न छोड़ा जाए। यदि किसी जगह की फोटोग्राफी करनी हो तो सुरक्षित स्थान पर खड़े रहें। घोड़े में सवारी के समय भी सावधानी बरतनी पड़ती है। इस मौके पर पुलिस के जवान भी मौजूद थे।