तवाघाट-लिपुलेख-कैलाश मानसरोवर सड़क मार्ग गस्कु में बंद होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर आवाज?
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धारचूला (पिथौरागढ़) कैलाश मानसरोवर सड़क 14 दिन बाद खुलने से लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन कुछ घंटों बाद मलबा आने से सड़क फिर बंद हो गई। मार्ग बंद होने से व्यास और चौदास के 25 गांवों के लोगों के साथ ही सेना की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
शनिवार को 14 दिन बाद मार्ग खोला गया था, लेकिन देर रात बारिश के कारण रविवार को कैलाश मानसरोवर सड़क फिर से बंद हो गई। रूंग गांव निवासी हिमांशु ह्यांकी ने बताया कि तवाघाट-लिपुलेख-कैलाश मानसरोवर मार्ग गस्कु और छोटी पांगला में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने से बंद हो गया है, जिससे पूजा करने व्यास घाटी गए लोग, सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दर गांव निवासी अनिल राजपूत ने बताया गांव से धारचूला आ रहे थे। रविवार को दोबाट के पास अचानक पहाड़ी से बोल्डर नीचे गिर गया, जिसमें वह बाल बाल बच गये। सूचना के बाद एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने ग्रिफ को शीघ्र सड़क खोलने के निर्देश दिए।
भारी बारिश से मकान ध्वस्त
रविवार को पैय्यापौड़ी के तोक बजानी में बारिश के कारण हरिराम के घर पर मलबा और पत्थर गिरने से मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। घर में रखा जरूरी सामान बर्बाद हो गया। घटना के वक्त परिवार के सदस्य माली देवी, सुनील, गीता देवी आदि घर के बाहर काम कर रहे थे, जिस कारण वह बच गये। घटना की सूचना मिलने पर बीडीसी सदस्य पुष्कर राम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। बीडीसी सदस्य ने राजस्व उपनिरीक्षक सुरेंद्र धामी को घटना की सूचना दे दी है।
सीमा की ओर जा रहे सेना के जवानों को भी लगानी पड़ी दौड़
चीन सीमा को जाने वाली सड़क पर गस्कू के पास पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के कारण यहां पर लोगों को जान हथेली पर रखकर आवागमन करना पड़ रहा है। रविवार को सीमा की अग्रिम चौकियों की ओर जा रहे सेना के जवानों को भी बोल्डरों की चपेट में आने से बचने के लिए इस स्थान पर दौड़ लगानी पड़ी। स्थानीय लोगों को भी आवागमन में खतरा बना हुआ है।