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सेना के हेलीकाप्टर से उपकरण और जरूरी सामग्री नंदा देवी बेस कैंप पहुंचाई

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पिथौरागढ़। नंदादेवी पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आए पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए अभियान जारी है। सोमवार को सेना के हेलीकाप्टर से जरूरी सामान और उपकरण नंदा देवी बेस कैंप तक पहुंचाए गए।
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13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट के लिए रवाना हुए 13 सदस्यीय दल में से ब्रिटेन निवासी मार्टिन मोरिन, जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गए थे। सर्च अभियान के दौरान बर्फ में पांच शव दिखाई दिए थे। जिस स्थान पर शव पड़े थे वहां खतरनाक दर्रे होने से सेना के हेलीकाप्टर से इन्हें निकालने का प्रयास सफल नहीं हो सका था। अब शवों को निकालने के लिए आईटीबीपी के जवानों की 18 सदस्यीय टीम बेस कैंप द्वितीय में पहुंचाई गई है। इस दल का नेतृत्व आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी और पर्वतारोही रतन सिंह सोनाल कर रहे हैं। सोमवार को सेना के हेलीकाप्टर से 2.5 क्विंटल की एक मशीन सहित अन्य जरूरी सामान नंदा देवी तक पहुंचाया गया।

जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि 16 जून को उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब रहने से अभियान नहीं चला। 17 जून को मौसम साफ होने के बाद सुबह जरूरी उपकरण और सामान हेलीकॉप्टर से भेजा गया है। 18 जून को भारत तिब्बत सीमा पुलिस के कुशल पर्वतारोही जवानों की टीम 4800 मीटर की ऊंचाई पर खोज अभियान का अभ्यास करेगी।
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