भारत-नेपाल सैन्य अभ्यास में हेलीकॉप्टर से लैंडिंग करते सैनिक
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भारत-नेपाल संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान जवानों को युद्ध के मैदान में सुरक्षित उतरकर दुश्मन से मोर्चा लेने के गुर सिखाए गए। इस दौरान जवानों को बारूदी सुरंगों से बचते हुए आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने की भी बारीकियां सिखाई गईं।
सैन्य अभ्यास के दसवें दिन जवानों को हवाई जहाज से रस्सियों के सहारे उतरने और दुश्मन के ठिकानों को कैसे ध्वस्त किया जाए, के बारे में बताया गया। जवानों को अचानक आई आपदा के बीच आपदाग्रस्त क्षेत्रों में उतरकर तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू करने, प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया गया।
युद्ध के मैदान में तेजी से सैनिकों को उतारकर मोर्चा संभालने की बारीकियां सिखाई गईं। पंचशूल बिग्रेड के हैलीपेड से सैनिकों को प्रशिक्षण क्षेत्र में रस्सियों के सहारे उतारा गया। शाम के समय सैनिकों को बंद पड़ी सड़कों को खोलने, बारूदी सुरंगों को हटाने के साथ ही अब तक दिए गए प्रशिक्षणों के बारे में उनसे जानकारी ली गई। 12 जून को संयुक्त सैन्य अभ्यास का समापन होगा।