धारचूला तहसील के जुम्मा गांव में शनिवार की रात बादल फटने की घटना और कुलागाड़ नाले का रुख पलटने से कुलागाड़ लघु जल विद्युत परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है।
परियोजना के हेड वर्क, डायवर्जन सिस्टम, इंटैंक, रिंगवाल समेत अन्य काम पूरी तरह तबाह हो गए हैं। अधिकारियों ने मौका मुआयना करने के बाद बताया कि कम से कम 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लघु जल विद्युत निगम ने 1.5 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना को नए सिरे से बनाने के लिए काम शुरू किया था।
जल विद्युत निगम के उपमहाप्रबंधक जीएस बुदियाल ने बताया कि परियोजना स्थल पर कुलागाड़ नाले के साथ बहकर आए बड़े बड़े बोल्डर पट गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जो काम हाल ही में किए गए थे उनका नामोनिशान मिट गया है। अब यह सारा काम नए सिरे से करना पड़ जाएगा।
डीजीएम ने जानकारी दी कि सारी रिपोर्ट देहरादून स्थित मुख्यालय को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि परियोजना को नए सिरे से स्थापित करने के लिए करीब 60 फीसदी काम हो चुका था लेकिन बादल फटने की घटना से सारा क्षतिग्रस्त हो गया है। उधर, जुम्मा गांव में अभी भी लोग भारी दहशत में हैं। जानवरों के बहने और खेतों में मलबा पटने से लोगों को भारी नुकसान पहुंचा है। गांव को जोड़ने वाले सारे पैदल पुल बह गए हैं। इस कारण आवाजाही में भी दिक्कत आ रही है।