नेपाल सीमा से सटे झूलाघाट कस्बे में एक बार फिर से भारतीय मुद्रा की कमी होने लगी है। इस कारण यहां का व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। नेपाली मुद्रा के भारत में बहुत मात्रा में आने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। नेपाली मुद्रा के ज्यादा आने के जहां एक और नेपाली मुद्रा की कीमत गिर रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय बैंकों ने भी व्यापारियों को मांग के अनुरूप रुपया देने से मना कर दिया है।
नेपाल सीमा से लगे भारतीय झूलाघाट, जौलजीबी और धारचूला के बाजारों में पिछले कई महीनों से नेपाली मुद्रा बहुत मात्रा में आ रही है। इस कारण इन बाजारों में भारतीय मुद्रा की भारी कमी हो गई है। नेपाली मुद्रा के बदले इस समय प्रति 100 पर 60 रुपये ही मिल पा रहे हैं, जबकि इस नेपाली 100 रुपये की वास्तविक कीमत भारतीय मुद्रा में 62.50 रुपये होती है। सीमा पर कई सटोरिये 4 से 5 प्रतिशत की दर से मनी एक्सचेंज का काम कर रहे हैं। बताया गया कि इस समय नेपाल में यारसागंबू की बिक्री का काम शुरू हो जाता है। ठेकेदार इसको खरीदकर बदले में नेपाली रुपया देते हैं, वही रुपया भारतीय बाजारों में नेपाल के लोग सामान की खरीद के लिए ले आते हैं। इसीलिए भारतीय बाजारों में भारतीय रुपये की कमी हो जाती है। लोगों द्वारा बैंकों में पैसा जमा न हो पाने के कारण बैंक भी पैसा देने की एक लिमिट तय कर देता है।
वहीं, स्टेट बैंक द्वारा ग्राहकों को जरूरत के हिसाब से भुगतान न दिए जाने का यहां के व्यापारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने कहा कि स्टेट बैंक ने मनमानी बंद नहीं की तो व्यापारी सड़क पर उतरने के लिए बाध्य हो जाएंगे। नेपाली पत्रकार बीरा गड़ाल ने बताया कि नेपाली मुद्रा का एक्सचेंज न हो पाने के कारण नेपाल के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। यहां के लोग इलाज के लिए भारतीय शहरों को जाते हैं। उन्हें भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वे अपने स्तर से भी बैतड़ी के जिलाधिकारी के माध्यम से नेपाल सरकार को पत्र लिखकर झूलाघाट में बंद पड़े मुद्रा एक्सचेंज काउंटर को खोलने की मांग कर चुके हैं।