पिथौरागढ़। बुंगाछीना से रसैपाटा और अलगड़ा को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों सफर के लिए नहीं बल्कि हादसों को न्योता देने के लिए जानी जा रही है। जगह-जगह गहरे गड्ढों और कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी इस खस्ताहाल सड़क पर वाहन चलाना मौत से खेलने जैसा जोखिमभरा हो गया है।
सड़क की बदहाली से वाहनों को हो रहे भारी नुकसान के चलते अब चालकों ने इस रूट पर गाड़ियां चलाने से दूरी बना लिया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के सामने आवागमन का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
बुंगाछीना से रसैपाटा तक करीब 10 किलोमीटर लंबी यह सड़क नखनोली, भट्यूड़ा, म्यौली सहित अनेक गांवों काे जोड़ती है। कुछ समय पूर्व ही म्यौली से यह सड़क रसैपाटा तक काटी गई। रसैपाटा से आगे सड़क कुशैल और चंडिका घाट इलाके को जोड़ती है।
शुरुआत में ही बुंगाछीना में सड़क की हालत देखकर वाहन चालकों का हौसला जवाब देने लगता है। नालियां गायब हैं और बारिश का पानी सड़क पर बहकर नाले का रूप ले रहा है। ऐसे में डामर उखड़कर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं।
गड्ढों के बीच संचालन से वाहनों में टूट-फूट हो रही है। इन हालात में चालक इस सड़क पर वाहनों के संचालन से हाथ पीछे खींच रहे हैं और लोग पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। म्यौली से रसैपाटा तक सड़क कच्ची अत्यधिक खराब है इस पर लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।