नेपाल और भारत सरकार की सहमति के बाद नेपाल के भारतीय पेंशनरों के लिए धारचूला और जौलजीबी के झूलापुल खोले गए। नेपाल से आए पेंशनरों ने बैंकों से 40 लाख रुपये निकाले। भारत से पेंशन लेने वाले नेपाली नागरिकों के लिए बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी झूला पुल खुलेंगे।
पहले दिन बुधवार को जौलजीबी और धारचूला का झूलापुल सुबह 9 बजे से 2 बजे तक छह घंटे के लिए खोला गया। इस दौरान लगभग 100 पेंशनर और 400 अन्य लोगों सहित 500 लोगों की आवाजाही हुई। नेपाल से आये पेंशनर कल्याण सिंह ने 80 हजार रुपये और बीर सिंह ने 50 हजार रुपये निकाले । 78 वर्षीय पेंशनर धम्पनेरा निवासी योगिनी देवी अपने पीते सूरज धामी और बहू दुर्गा देवी के साथ पेंशन लेने आईं।
उन्होंने 40 हजार रुपये निकाले। नेपाल से आए सभी पेंशनर बैंक से अपनी पेंशन निकालने के बाद खुशी-खुशी अपने देश नेपाल को लौटे। ज्यादातर पेंशनरों ने बाजार से खरीदारी भी की, जिससे धारचूला और जौलजीबी के व्यापारियों के चेहरों पर भी रौनक नजर आई।
नेपाली पेंशनरों ने कहा कि पेंशन निकलने के बाद अब नवरात्र और दशहरा पर्व को धूमधाम से मना सकेंगे। नेपाली नागरिकों ने झूला पुल खुलने से दोनों देश का आभार जताया। 11वीं वाहिनी एसएसबी के झूलापुल इंचार्ज एएसआई कृपा राम शर्मा ने नेतृत्व में जवानों ने आवाजाही करने वाले लोगों के कागजातों और सामान की चेकिंग की। मेडिकल टीम ने नेपाल से आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग की।
पेंशनरों ने एसबीआई धारचूला शाखा से 15 लाख, जौलजीबी शाखा से 20 लाख और अन्य बैंकों से पांच लाख रुपये निकाले। धारचूला एसबीआई शाखा प्रबंधक हरिमोहन गर्ब्याल और जौलजीबी शाखा प्रबंधक धीरज कुमार ने बताया कि नेपाल से आने वाले पेंशनरों की सुविधा की उचित व्यवस्था की है। सभी को उनकी जरूरत के अनुसार धनराशि दी जा रही है।
दोनों देशों की गृह मंत्रालय की सहमति के बाद जौलजीबी और धारचूला का झूला पुल खोलने के निर्देश मिले थे, जिसके तहत आज पहले दिन लगभग 500 लोगों की आवाजाही हुई है।
- अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम धारचूला