व्यापारियों ने अंतरराष्ट्रीय झूलापुल को केवल लोगों के आवेदन पत्र पर खोलने का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण सात महीने से झूलापुल बंद है, जिस कारण सीमांत का व्यापार 80 फीसदी प्रभावित हो गया है। इसके बावजूद व्यापारियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बुधवार शाम भारत-नेपाल पुल कुछ समय के लिए खोला जाना था। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा के नेतृत्व में व्यापारियों ने झूलापुल के पास एकत्र होकर पुल खोलने का विरोध कर दिया। कहा कि वह प्रशासन से झूलापुल खोलने की मांग को लेकर कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नेपाल और भारतीय प्रशासन आपसी सहमति के बाद लोगों के लिए पुल खोल रहा है, लेकिन व्यापारियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पुल खोलने के विरोध में व्यापारियों ने जमकर हंगामा काटा। झूलापुल को लेकर व्यापारियों के विरोध की सूचना मिलते ही कोतवाल विजेंद्र शाह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने व्यापारियों से वार्ता कर किसी तरह उन्हें शांत कराया, जिसके बाद झूलापुल को ढेड़ घंटा खोलने पर सहमति बनी। तब लोगों ने आवाजाही की। व्यापारियों ने कहा कि मामले में बृहस्पतिवार को एसडीएम से वार्ता की जाएगी। कहा कि झूलापुल सप्ताह में कम से कम एक दिन खोला जाना चाहिए।