Jeep four students beat at Chowpatty, a death
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तहसील के चौबाटी कस्बे में बृहस्पतिवार को अपराह्न दो बजे स्कूल से घर लौट रहे चार छात्रों को एक जीप ने रौंद दिया। इनमें से एक छात्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में दो बच्चों को उनके परिजन जिला अस्पताल ले गए हैं। एक बच्चे को प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया है। अभी तक इस मामले में परिजनों की ओर से कई रिपोर्ट नहीं लिखाई गई है।
थाना प्रभारी गणेश सिंह सामंत ने बताया कि बृहस्पतिवार अपराह्न करीब दो बजे जीवन सिंह अपनी जीप (यूए 03-3989) को मल्ली चौबाटी बाजार से तल्ली चौबाटी को ले जा रहे थे। ठीक उसी समय जीआईसी चौबाटी में बच्चों की छुट्टी हुई थी। बच्चे रोड के किनारे से निकल रहे थे। तभी इस तेज रफ्तार जीप ने चारों बच्चों को चपेट में ले लिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक पवन कोरंगा (13) पुत्र शेर सिंह कोरंगा निवासी चौबाटी की मौत हो गई थी।
पवन जीआईसी चौबाटी में कक्षा आठ में पढ़ता था। उसके सिर पर गंभीर चोट आ गई थी। उसके साथ चल रहे चौबाटी निवासी निखिल (11) पुत्र गजेंद्र सिंह, दीपक सिंह (14) पुत्र हयात सिंह और बिचकोट निवासी नवीन देउपा (15) पुत्र हरीश देउपा घायल हो गए। लोगों ने तत्काल तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट लाया गया। यहां पर डा. नरेंद्र तोमर और डा. बीएस मेहरा ने घायल बच्चों का प्राथमिक उपचार करने के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी भी परिजन की ओर से रिपोर्ट नहीं लिखाई गई है। अलबत्ता पुलिस अपने स्तर से जांच करने लगी है। घटना से चौबाटी कस्बे में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। लोगों में घटना को लेकर भारी गुस्सा है।
पवन रिजल्ट लेकर जा रहा था घर को
डीडीहाट। पवन कोरंगा को वार्षिक परीक्षा का रिपोर्ट कार्ड मिला था। वह कक्षा आठ पास होकर नौ में प्रवेश कर गया था। पास होने की खुशी उसे बहुत ज्यादा थी। वह जल्दी घर पहुंचकर अपने परिजनों को पास होने की खुशखबरी देना चाहता था। हादसे की सूचना के बाद मृतक पवन कोरंगा के पिता शेर सिंह बेहोश हो गए। उसके घर में कोहराम मचा है।
स्टीयरिंग लॉक हो गया था
डीडीहाट। चौबाटी में जिस जीप ने चार बच्चों को रौंदा उसके चालक ने भी पुलिस को यही बताया कि जीप का स्टीयरिंग लॉक हो गया था। ग्रामीण अंचलों में सड़कों पर दौड़ने वाली जीपों की कोई चेकिंग नहीं होती। यह जीपें यांत्रिक खराबी के बावजूद सड़कों पर दौड़ती रहती हैं।