जौलजीबी में नहीं चला काली में बहे लोगों का पता
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जौलजीबी में 28 मार्च को बुलेरो जीप के साथ नदी में समाए लोगों का चौथे दिन भी कोई पता नहीं लग पाया है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के रिवर गाइडों और एसडीआरएफ के जवानों ने जौलजीबी से हंसेश्वर तक नदी में तलाशी अभियान चलाया लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। सबसे बड़ी समस्या नदी का जलस्तर बढ़ने से पैदा हो रही है। कुछ स्थानों पर नदी की गहराई 30 फीट से ज्यादा है। थाना प्रभारी विद्यादत्त जोशी ने बताया कि हंसेश्वर तक करीब दस किलोमीटर के दायरे में सर्च अभियान किया जा चुका है। अब ज्यादा गहराई वाले स्थानों और नदी के उथले हिस्सों में खोजबीन की जा रही है। उन्होंने कहा कि नदी से किसी यात्री का सामान भी नहीं मिला है।
जौलजीबी के पास बुलेरो के महाकाली में गिरने से उसमें सवार पांच लोग वाहन के साथ ही नदी में समा गए थे। घटना के दिन सिर्फ एक शव बरामद हुआ। पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने बताया कि अभी खोजबीन का काम जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है। नेपाल के लोगों से भी सूचना देने की अपील की गई है। स्थानीय लोग भी लगातार मौके पर मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि झूलाघाट, पंचेश्वर और टनकपुर तक पुलिस से संपर्क साधा गया है।
परिजनों की चिंता बढ़ने लगी
धारचूला। नदी में बहे लोगों के परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजन रोज सुबह नदी के किनारे पहुंच रहे हैं। रोज शाम को वह निराश होकर घरों को वापस लौट रहे हैं। नदी में बहे धारचूला हनुमान मंदिर के पुजारी मोहन सिंह धामी के भांजे जगत सिंह दशौनी ने कहा कि वह रोज नदी के किनारे पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि खोजबीन के काम में अब तक गोताखोर नहीं लगाए गए हैं। यदि गोताखोर लगाए जाते तो शायद जल्दी पता लग जाता।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
पिथौरागढ़। जौलजीबी में हुई दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने धारचूला के एसडीएम एसके पांडे को नियुक्त किया है। डीएम ने बताया कि अभी दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ साथ नदी में वाहन के साथ बहे लोगों की खोजबीन का काम जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि खोजबीन के काम को मुस्तैदी से किया जा रहा है। वह लगातार जानकारी हासिल कर रहे हैं।