पिथौरागढ़। बारिश के बाद जिले में पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है। गंदा और दूषित पानी इस बीमारी का कारण बना है। चोक नालियों में डूबी लीकेज पेयजल लाइनों ने लोगों की दिक्कत बढ़ाई है।
जिले में लगातार हो रही बारिश ने सिस्टम की पोल खोली है। नगर के अधिकांश हिस्सों में सफाई न होने से नालियां चोक हैं, इनमें पानी अटक रहा है। नगर के अधिकतर हिस्सों में पेयजल लाइन इन्हीं नालियों से होकर गुजर रहीं हैं जो जगह-जगह लीकेज हैं। चोक नालियों में जमा गंदे पानी में डूबी इन्हीं लाइनों ने लोगों की दिक्कत बढ़ाने का काम किया है। लीकेज लाइनों से नालियों में जमा गंदा और दूषित पानी घरों में पहुंचने से पीलिया के रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इन दिनों रोजाना 25 से 30 मरीज पीलिया से ग्रसित आ रहे हैं। दूषित और गंदा पानी इस बीमारी का प्रमुख कारण है। जल संस्थान के टैंकों तक पेयजल योजनाओं से शुद्ध पानी पहुंच रहा है। बीते दिनों ही सभी पेयजल टैंकों की सफाई भी हुई है। इसके बाद भी पीलिया का कारण बना गंदा और दूषित पानी घरों में कैसे पहुंच रहा है यह चर्चाओं में है। ऐसे में लीकेज लाइनों के जरिए चोक नालियों में जमा गंदा पानी ही घरों में पहुंचने की चर्चा आम है।
दुकानों और घरों में घुस रहा है बारिश का पानी
पिथौरागढ़। शहर में नालियां चोक होने से बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस रहा है। बीते दिनों पुराना बाजार में बारिश का पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया था और प्रभावित इस समस्या के समाधान के लिए खुद नालियों को खोलने में जुटे रहे।
बोले लोग
लंबे समय से नलों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। कई बार शिकायत के बाद जिम्मेदार विभाग इस दिक्कत को दूर नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि गंदे पानी के उपयोग से लोग बीमार हो रहे हैं।
-जीवन पंत, तिलढुकरी
नया बाजार वार्ड में भी गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या लंबे समय से बनी है। इस समस्या को जिम्मेदार विभागों के साथ साझा किया गया लेकिन समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं। -करन सिंह, पार्षद
-नालियों की सफाई होती है। लोग नालियों में खुद ही कचरा डाल रहे हैं इससे ये बंद हो रही हैं। बगैर अनुमति के ही नालियों में पेयजल लाइन बिछाई गई हैं। जल्द ही पेयजल लाइनों को व्यवस्थित किया जाएगा।
- राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़