जौलजीबी के मेले के पांचवें दिन लोक गायक पप्पू कार्की और गोविंद दिगारी के गीतों की धूम रही। सोनी टीवी डांस शो में प्रतिभाग कर चुके बेड़ीनाग के रोबो ब्वाय विक्रम बोरा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अपने मोहपाश में बांधे रखा। कुमाऊं स्काट के बैंड ने ‘ओ भिना कसिके जानू द्वारहाटा’ की धुन छेड़ी तो लोग झूमने लगे।
पप्पू कार्की ने ‘हिट कमू लै जानू मिलम जोहारा, आई रे चैत बैशाख’ गीत के साथ ही कई गीत पेश किए। गोविंद दिगारी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में ‘पहाड़ छुटि ग्यो, परदेश जाणे ले पहाड़ छुटि गो’ गीत से समां बांधा। उन्होंने कई हिंदी गीत गाए। रोबो ब्वाय विक्रम बोरा ने अपने डांस से दर्शकों को प्रभावित किया।
जीआईसी, जीजीआईसी धारचूला, जीआईसी कालिका, शिशु मंदिर कालिका, विद्या मंदिर धारचूला के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। बुधवार की सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी ने कहा कि मेले के विकास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। मेले का अपना स्थायी मंच बनकर तैयार हो गया है। सुरक्षा के लिए तटबंध बन गए हैं। भारत-नेपाल के बीच झूलापुल बन गया है। जौलजीबी मेला स्थल को सुविधाओं से लेस किया जाएगा। विशिष्ट अतिथि यूपीसील के एसई अतुल गर्ब्याल, मुनस्यारी के ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र रावत, धारचूला के ब्लाक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर, महिराज गर्ब्याल, पुष्कर गर्ब्याल आदि मौजूद थे। संचालन लक्ष्मण बिष्ट, करन थापा, शंकर दत्त भट्ट ने संयुक्त रूप से किया। मेलाधिकारी/एसडीएम परितोष वर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।