ऐतिहासिक जौलजीबी मेले की दूसरी शाम सुरेश प्रसाद सुरीला एंड
पार्टी और विद्यार्थियों के नाम रही। सुरेश सुरीला एंड पार्टी ने मंच पर
आते ही धमाल मचाना शुरू कर दिया। दल ने लोकनृत्य, लोक गीतों की झड़ी लगा
दी। लोक गायक सुरेश सुरीला के गीत ‘ओ सरिता बैठि जा तू वड्डा गाड़ि मा,
गोरि मुखड़ी चमकी रे हरियां साड़ी मा’ पर लोग खूब झूमे।
उन्होंने ‘जै मैया
महाकाली सुण ले पुकार, आस लगा आई रयूं तेरा दरबार’ गीत से माहौल भक्तिमय
बनाया। जीआईसी जौलजीबी, जीआईसी बलुवाकोट, प्राथमिक स्कूल जौलजीबी के
छात्र-छात्राओं ने भी मुख्य मंच में रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। लोगों ने
देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया। रंगारंग कार्यक्रमों का
संचालन लक्ष्मण बिष्ट ने किया।
मेलाधिकारी/एसडीएम पारितोष वर्मा ने
सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मेलार्थियों को पूरी
सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मेलार्थियों के साथ ही व्यापारियों को किसी
प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। सहायक मेलाधिकारी तहसीलदार इंद्र
बहादुर मल्ल, व्यापार मंडल अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू, दौलत पाल, लीला
बनग्याल, शकुंतला दताल आदि मेला संचालन में सहयोग कर रहे हैं।
जौलजीबी
मेले में लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है, ऊनी वस्त्रों के साथ ही चीन से
आयात गर्म कपड़े, जूता, चप्पल की बिक्री में तेजी आई है। स्थानीय उत्पादों
को भी लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। दालें, अखरोट, रिंगाल से बने उत्पाद, दन,
कालीन के स्टालों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।