जौलजीबी मेले में कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
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जौलजीबी का ऐतिहासिक व्यापारिक मेला पूरे सवाब पर है। मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। कलाकारों ने दूर बड़ी दूर बर्फिलु डाना, लेह लदाख लड़ा लागी... कार्यक्रम पेश किए। मेले में खरीददारी के लिए बड़ी संख्या में मेलार्थियों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सोमवार को भी मेले में हजारों की संख्या में मेलार्थी पहुंचे। खरीददारी के लिए मेलार्थी नेपाल भी पहुंच रहे हैं।
रविवार की शाम हिमालय कला केंद्र समिति बिंदुखत्ता की टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। टीम के शेर सिंह दानू और दीपा नगरकोटी ने कई गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
धारचूला के अनवाल समुदाय के अध्यक्ष गुमान सिंह बिष्ट ने नेतृत्व में महिलाओं ने पहाड़ी गीतों में मनमोहक प्रस्तुति दी। इसी समुदाय की गायिका पुष्पा पुरोहित ने देश के सभी जवानों को समर्पित ‘दूर बड़ी दूर बर्फिलु डाना, लेह लदाख लड़ा लागी’ गीत गाया।
उन्होंने इसके अलावा कई देशभक्ति गीतों के साथ ही कुमाऊंनी और नेपाली गीतों की प्रस्तुति दी। अब मेला पूरे सवाब पर पहुंच गया है। सोमवार को भी बड़ी संख्या में मेलार्थी खरीदारी के लिए पहुंचे। मेले में तिब्बत से आयात कर लाए गए ऊनी कपड़े विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। स्थानीय उत्पादों की भी जमकर बिक्री हो रही है। उधर, नेपाल में भी मेला चल रहा है। भारतीय क्षेत्र से भी लोग खरीददारी के लिए नेपाल पहुंच रहे हैं। जौलजीबी मेले में सोमवार को दिन में बच्चों की विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं हुईं।