डीडीहाट (पिथौरागढ़)। संयुक्त घोषित जनपद संघर्ष समिति की जनचेतना यात्रा का थल और डीडीहाट पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने घोषित जिलों के गठन को निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया।
जनचेतना यात्रा 12 नवंबर को यमुनोत्री से रवाना होकर कोटद्वार, रानीखेत होते हुए शनिवार को यहां पहुंची। लोनिवि चौराहे पर ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा का स्वागत करने के बाद यात्रा पूरे नगर में घूमी। बाद में गांधी चौराहे पर हुई सभा में समिति के अध्यक्ष अव्वल चंद्र कुमाई ने कहा कि जनचेतना यात्रा का उद्देश्य उत्तराखंड सरकार को चेताना है। कहा कि यह लड़ाई 15 अगस्त 2011 को घोषित चारों जिलों (डीडीहाट, रानीखेत, कोटद्वार और यमुनोत्री )के लोगों के सम्मान की है।
मुख्यमंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन
उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को चारों जिलों के लोग देहरादून में मुख्यमंत्री को अंतिम और निर्णायक ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार नहीं चेती और चारों जिलों का गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो देहरादून में उग्र आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। व्यापार संघ अध्यक्ष गोविंद लाल साह ने कहा कि अब समय आ गया है कि चारों जिलों के लोग एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ें। समिति के संरक्षक राजेंद्र बोरा ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण चलाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि डीडीहाट में इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। इससे पूर्व थल में भी जिला पंचायत सदस्य वंशीधर भट्ट के नेतृत्व में यात्रा का स्वागत किया गया।
ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर पूरन सिंह, विशालमणि रतूड़ी, भरत सिंह चौहान, गुलाब सिंह, नरोत्तम रतूड़ी, बलवीर सिंह, फकीरा लाल, महिपाल सिंह, रमेश बिष्ट, धन सिंह कफलिया, लवि कफलिया, रवि बोरा, सभासद कवींद्र शाही, शेर सिंह शाही, रतन गिरी गोस्वामी, दान सिंह कन्याल, प्रकाश बोरा, करन सिंह टोलिया समेत कई लोग मौजूद रहे।
फोटो 16 पीटीएच 09 पी
दिनेश