पिथौरागढ़। जर्जर और बदहाल जमराड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल और विषाड़ हेल्थ वेलनेस सेंटर का जल्द कायाकल्प होगा। जर्जर भवनों की मरम्मत होगी और मरीजों को टपकती छत के नीचे इलाज नहीं कराना पड़ेगा। 10 लाख रुपये से दोनों भवनों का सुधारीकरण होगा।
जमराड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल पर क्षेत्र के 10 तो विषाड़ हेल्थ वेलनेस सेंटर पर छह से अधिक गांवों के ग्रामीणों के इलाज की जिम्मेदारी है। दोनों स्वास्थ्य केंद्रों के भवन जर्जर हो चुके हैं। छत और दीवारों पर दरारें पड़ी हैं। बारिश में छत से पानी टपक रहा है। ऐसे में यहां स्वास्थ्य कर्मियों को टपकती छत के नीचे मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। अब दोनों भवनों का सुधारीकरण होगा, इसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत को दी गई है। दोनों भवनों के सुधारीकरण में पांच-पांच लाख रुपये खर्च होंगे। कार्यदायी संस्था को इसके लिए धन मिल चुका है। दोनों भवनों का कायाकल्प होने से यहां स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, इसका सीधा लाभ तीन हजार से अधिक लोगों को मिलेगा।
चहारदीवारी का होगा निर्माण
दोनों स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों की मरम्मत के साथ ही इसमें चहारदीवारी का भी निर्माण होगा। अधिकारियों के मुताबिक चहारदीवारी स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही मरीजों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। दीवार का निर्माण होने से अराजक तत्वों के साथ ही लावारिस जानवर अस्पताल परिसर में नहीं घुस सकेंगे।
कोट
जमराड़ी और विषाड़ स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों की मरम्मत की जिम्मेदारी जिला पंचायत को मिली है। शीघ्र ही कार्य शुरू होगा। इसके लिए धन मिल चुका है। - बीसी छिमवाल, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, पिथौरागढ़।