सड़क की दुर्दशा के खिलाफ प्रदर्शन करते मेलडुंगरी के लोग
- फोटो : अमर उजाला
जाख-मेलडुंगरी मार्ग पर जाड़े के मौसम में किया गया डामर एक महीने में ही उखड़ गया है। इससे भड़के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय आकर प्रदर्शन किया। मेलडुंगरी के ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का चौड़ीकरण भी मानकों के अनुसार नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने सड़क के पास पहाड़ी से अवैध खनन करने का मामला भी डीएम के सामने उठाया है।
मेलडुंगरी की प्रधान जानकी जोशी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे लोगों ने डीएम कार्यालय प्रांगण में प्रदर्शन किया। डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि आपदा प्रतिपूर्ति परियोजना के तहत नवंबर, दिसंबर 2017 में जाख-मेलडुंगरी सड़क पर चौड़ीकरण और डामरीकरण का काम किया गया। आरोप लगाया कि डामरीकरण में कार्यदायी संस्था विश्व बैंक खंड लोनिवि अस्कोट डिवीजन और ठेकेदार ने अनियमितता की है। तापमान कम होने के कारण पहाड़ पर अक्तूबर से जनवरी तक डामरीकरण नहीं किया जाता, लेकिन इस सड़क पर नवंबर, दिसंबर में डामर डाला गया, जो एक ही महीने में उखड़ गया है। कहा कि सड़क को मानकों के अनुसार चौड़ा नहीं किया गया है। नालियों का निर्माण भी नहीं किया गया है। हर मोड़ पर मिट्टी के ढेर पड़े हैं, इससे दुर्घटना का अंदेशा बना है।
गांव के लोगों ने डीएम को बताया कि मेलडुंगरी स्टेशन से 500 मीटर ऊपर पहाड़ी से अवैध रूप से पत्थर निकाले जा रहे हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा पैदा हो रहा है। इन लोगों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने प्रकरण की जांच कराने की बात कही है। प्रदर्शन में पवन जोशी, केदार दत्त, गंगा दत्त, गणेश दत्त, घनानंद आदि शामिल थे।