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कैंपस के लिए जताया सरकार का आभार, जारी रहेगी अलग विश्वविद्यालय की मांग

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पिथौरागढ़ महाविद्यालय में कैंपस की रूपरेखा पर चर्चा करने के बाद प्राचार्य को ज्ञापन सौपते छात्र - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। एलएसएम पीजी कॉलेज पिथौरागढ़ में छात्र संघ अध्यक्ष सीएम पांडेय के नेतृत्व में संगोष्ठी हुई। इसमें उपस्थित वर्तमान छात्र संघ और पूर्व छात्र नेताओं ने पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा दिए जाने को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कैंपस की रूपरेखा पर चर्चा की। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय की जरूरत पर भी बल दिया गया।
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पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भगवान रावत ने कहा कि कैंपस का विकास पिथौरागढ़ की भौगोलिक स्थिति और छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमांत में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोला जाना चाहिए। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं भाजपा जिलाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह वल्दिया ने कैंपस का दर्जा दिलाने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कैंपस की रूपरेखा तैयार करने के लिए सभी के सुझाव भी लिए जाएंगे। कैंपस को सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष बसंत जोशी ने महाविद्यालय परिवार को बधाई दी। पूर्व छात्रसंघ सचिव ऋषेंद्र महर ने कहा कि सीमांत पिथौरागढ़ में विश्वविद्यालय बनना चाहिए था, जिससे जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा मिलती। पूर्व छात्रसंघ महासचिव श्याम सुंदर सौन ने इसे सालों से चले आ रहे संघर्षों की जीत बताया। छात्रसंघ अध्यक्ष चंद्रमोहन पांडेय ने बताया कि कैंपस की रूपरेखा के लिए शीघ्र ही एक बुद्धिजीवी सम्मेलन का आयोजन करने का प्रयास रहेगा। सम्मेलन में जिस प्रकार की रूपरेखा बनकर तैयार होगी इस रूपरेखा को उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत को भेजा जाएगा। सीमांत क्षेत्र के विद्यार्थियों के हित को देखते हुए एक पृथक विश्वविद्यालय की मांग की जाएगी। कार्यक्रम में हिमांशु ओझा, महिमन कन्याल, कुंदन बोरा, राजेंद्र सिंह रावत, महेंद्र सिंह लुंठी, वतर्मान छात्रसंघ पदाधिकारी यश सिंह लुंठी, योगेश सौन, पूनम महर, पीयूष रावत, हरीश सिंह पूर्व छात्रसंघ उपसचिव भास्कर मनोला आदि शामिल रहे।
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