जिपं सदस्य जगत मर्तोलिया का कहना है कि घटना की जानकारी हादसे के दिन ही मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, कमिश्नर और डीएम को दे दी गई थी। रास्ता बेहद कठिन होने के कारण घायल महिला को डोली में लेकर आना संभव नहीं देखते हुए हेलीकॉप्टर की मांग की गई थी। इसको देखते हुए डीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन भी हेलीपैड के लिए स्थान तलाश कर रहा था।
शनिवार को भी काफी इंतजार के बाद हेलीकॉप्टर के नहीं आने पर परिजनों के अनुरोध पर आईटीबीपी 14 वीं वाहनी के जवान घायल महिला को स्ट्रेचर से मुनस्यारी पहुंचाने के लिए निकले। इन जवानों ने महिला को स्ट्रेचर में रखकर सड़क तक पहुंचा दिया है। घायल महिला को लाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था नहीं होने से लेाग आक्रोशित हैं ।