पिथौरागढ़। मूल निवास को लागू करने की मांग को लेकर उक्रांद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि मूल निवास को समाप्त कर स्थायी निवास के रूप में प्रमाण पत्र जारी करना उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकारों पर कुठाराघात है, जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोमवार को उक्रांद कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने यहां प्रदर्शन कर डीएम कार्यालय के माध्यम से सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि राज्य में जमीन की खरीद फरोख्त पर खुली छूट देने के कारण बाहरी व्यक्ति अंधाधुंध जमीनों को खरीद रहे हैं। इससे यहां की भूमि अपराधियों और माफियाओं के कब्जे में जा रही है।
यहां का मूल निवासी कृषक भूमिहीन होने की कगार पर है। इस दौरान उक्रांद के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने सरकार से नए वर्ष में उत्तराखंड के मूल निवासियों की पहचान मूल निवास 1950 से निवास को मानक मानते हुए प्रमाण पत्र जारी करने और सख्त भू-कानून बनाकर भूमि को बचाने की मांग की है।
इस मौके पर एडवोकेट निर्मल चौधरी, हयात तड़ागी, मदन पोखरिया, गिरीश जोशी, दान सिंह ऐरी, महेश पाल, उमेश जोशी, राम सिंह ऐरी, कमल चंद, चंद्रशेखर कापड़ी, चंद्र प्रकाश, राम सिंह, दीपक जोशी सहित कई लोग मौजूद रहे।