पिथौरागढ़ के राबाइंका ऐंचोली में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्
पिथौरागढ़। अपराध को लेकर किसी को भी खामोश नहीं रहना है, उसके खिलाफ आवाज उठानी है। घर पर हो या बाहर, आवाज उठाना बेहद जरूरी है। आपकी उठाई गई आवाज न्याय की दिशा में सबसे बड़ा कदम होता है। यह बातें शनिवार को बीएलएस राबाइंका में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि महिला हेल्पलाइन प्रभारी एसआई पूजा मेहरा ने कही।
महिला हेल्प लाइन प्रभारी ने कहा कि वर्तमान में महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामले काफी बढ़े हैं। उन्होंने महिला हिंसा के बारे में उदाहरण देकर विस्तार से जानकारी दी और उसके निस्तारण के बारे में बताया। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर आपके साथ अपराध हो रहा है या किसी के साथ तो उसकी सूचना 112 पर दें। इस दौरान छात्राओं को उत्तराखंड पुलिस एप और गौरा शक्ति एप के बारे में भी बताया गया।
विशिष्ट अतिथि सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने कहा कि 24 दिसंबर 1931 को विश्व की सबसे कम उम्र की क्रांतिकारी सुनीति चौधरी और शांति घोष ने बंगाल में अत्याचारी कलक्टर स्टीवेंस की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह अपराजिता ही है जो कुछ भी कर गुजर सकती है। सुनीति का जन्म मई 1917 को हुआ था जबकि उनकी साथी उनसे कुछ साल ही बड़ी थी। वर्ष 1857 की क्रांति के बाद किसी महिला ने ऐसा किया था।
नाबालिग होने पर उन्हें फरवरी 1932 को आजीवन कालापानी की सजा दी गई। प्रधानाचार्य लक्ष्मी वल्दिया ने कहा कि अपराजिताओं को इस ज्ञान को लेकर समाज के लिए काम करना होगा। अमर उजाला फाउंडेशन का अपराजिता कार्यक्रम समाज को जागरूक कर सही दिशा प्रदान करेगा। इस दौरान महिला हेल्पलाइन की कांस्टेबल आशा खनका, विद्यालय की दीपा खाती, सुनीता पांडे, स्वाति पंत, किरण खड़ायत, पुष्पा जोशी आदि मौजूद रहीं।