महाकाली के किनारे लापता लोगों की खोजबीन करते एसडीआरएफ और पुलिस के जवान
- फोटो : अमर उजाला
मालपा, मांगती में बुधवार को भी सुबह से ही खोजबीन का काम जारी रहा। एमडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व पुलिस के साथ ही डॉग स्क्वॉयड की टीम ने भी खोजबीन का काम किया। वहीं, महाकाली नदी के किनारे एसएसबी के साथ ही पुलिस कर्मियों ने खोजबीन की। नेपाल पुलिस भी खोजबीन में जुटी रही, लेकिन लापता लोगों का कोई पता नहीं चला।
13 अगस्त की देर रात बादल फटने से हुई भूस्खलन की घटना में मालपा में 16, मांगती में 8 कुल 24 लोग लापता हैं। बताया गया कि सोमवार को ऐलागाड़ और दोबाट के मध्य में मिले एक व्यक्ति के शव को शिनाख्त के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धारचूला के मोर्चरी में रखा गया है, लेकिन अब तक उसकी शिनाख्त नहीं हुई है। शव को शिनाख्त के लिए 24 अगस्त तक अस्पताल में रखा जाएगा, उसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। वहीं, पुलिस और एसएसबी ने बलुवाकोट, पीपली, झूलाघाट में महाकाली नदी के किनारे खोजबीन का काम किया। धारचूला में मौजूद जिलाधिकारी सी रविशंकर ने राहत, पुनर्वास, खोजबीन के काम की समीक्षा की। उन्होंने राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
जिला सूचना कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार लोनिवि मालपा, नजंगगाड़ में क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत कर रही है। नजंगगाड़ में 80 मजदूर पुल और रास्ते के निर्माण का कार्य कर रहे हैं, जबकि मालपा में 111 श्रमिक पैदल मार्ग और पुल निर्माण के लिए लगाए गए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में अब तक 30 क्विंटल चावल, दो क्विंटल आटा, एक क्विंटल गेहूं, 30 किलो चीनी, एक क्विंटल दाल, 40 लीटर खाने का तेल, 1200 राहत पैकेट वितरित किए गए हैं।
हेलीकॉप्टर सेवा जारी रही
पिथौरागढ़। धारचूला से गुंजी और बूंदी के लिए बुधवार को भी हेलीकॉप्टर सेवा जारी रही। बताया गया कि दो हेलीकॉप्टरों में 41 लोगों को लाया-ले जाया गया। इनमें कैलाश यात्री भी शामिल थे।