पिथौरागढ़ में अब इन ट्रकों से लाया जा रहा राशन
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देवभूमि ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनों द्वारा अनुमन्य भार से अधिक भार ढोने का मामला सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के सामने उठाया है। कहा कि ये वाहन 90 क्विंटल के स्थान 200 क्विंटल सामान का ढुलान कर रहे हैं। अधिक भार ढोने से मोटर पुलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशेर महर, सचिव रवींद्र बसेड़ा, कोषाध्यक्ष मनीष सरन ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि अनुमन्य भार क्षमता से अधिक के ढुलान पर सुप्रीमकोर्ट की भी रोक है। पर्वतीय क्षेत्र में माल परिवहन की क्षमता 90 क्विंटल निर्धारित की गई है। कहा कि इन नियमों का उल्लंघन करते हुए पिथौरागढ़ स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से 12 टायरा ट्रकों के माध्यम से 200 क्विंटल खाद्यान्न का ढुलान किया जा रहा है। कहा कि एक ओर से बाहर से आने वाले 12 टायरा ट्रकों से 200 क्विंटल राशन गोदाम में उतारा जा रहा है, दूसरी ओर जिले के ट्रांसपोर्टरों को मात्र 90 क्विंटल राशन ढुलान की अनुमति दी जा रही है। इससे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
कहा कि 12 टायरा वाहनों के संचालन से राजमार्ग को नुकसान पहुंच रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ने वाले पुलों को भी इससे खतरा हो सकता है। अधिक भार वाले वाहनों से कभी भी कोई हादसा हो सकता है। एसोसिएशन ने 12 पर्वतीय मार्गों पर 12 टायरा वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है। इन वाहनों पर रोक नहीं लगी तो ढुलान का काम बंद कर न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है। उधर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नवीन सिंह का कहना है कि अधिक भार क्षमता वाले एक वाहन का चालान किया जा चुका है। उसके कागजात जब्त कर लिए गए हैं। नियम के विपरीत वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।