पिथौरागढ़। नेपाल में आम चुनाव के मद्देनज़र भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा चार दिन तक सील रहेगी। इस दौरान भारत और नेपाल के बीच आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
पड़ोसी देश में पांच मार्च को प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए मतदान होना है। भारत-नेपाल की लगभग 275 किमी सीमा उत्तराखंड से सटी है। दोनों देशों के बीच स्थित सभी अंतरराष्ट्रीय झूलापुल दो से पांच मार्च तक बंद रहेंगे। इस दाैरान पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के सीमावर्ती इलाकों के बाजारों के कारोबार व लोगों के जनजीवन पर सीधा असर पड़ेगा।
एडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सभी झूलापुल दो मार्च से बंद कर दिए जाएंगे। जिले में अंतरराष्ट्रीय झूलापुलों के गेटों पर ताले लटके रहेंगे जो छह मार्च को खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रमुख जिलाधिकारी, खलंगा, दार्चुला, नेपाल की ओर से पत्र मिला है। पिथौरागढ़ के डीएम आशीष कुमार भटगांई ने पुलिस और अन्य सभी सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
भारत-नेपाल समन्वय बैठक... आपसी सहयोग से थमेगा सीमा पार अपराध
चंपावत। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को एसएसबी और नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई।
दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा पर तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर सहमति जताई। साथ ही बेहतर सुरक्षा के लिए खुफिया सूचनाओं को तत्काल और प्रभावी ढंग से साझा करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जोर दिया गया कि भारत और नेपाल के बीच केवल सीमा का रिश्ता नहीं बल्कि सदियों पुराना सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। इस संबंध को मजबूत करना ही सीमा सुरक्षा की असली बुनियाद है।
बैठक के बाद अधिकारियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए नेपाल और भारत के सुरक्षा अधिकारियों ने चंपावत के ऐतिहासिक बालेश्वर मंदिर के दर्शन किए।
एसएसबी अल्मोड़ा के उपमहानिरीक्षक सुधांशु नौटियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में डीआईजी अनिल कुमार शर्मा (पीलीभीत), कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम (चंपावत), रवींद्र कुमार राजेश्वरी, आशीष कुमार और अतुल कुमार राय, नेपाल की ओर से ब्रिगेडियर (एपीएफ नंबर 7), एसपी प्रेम प्रकाश सिग्देल (कंचनपुर), खुम बहादुर केसी (कैलाली) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।