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चीन की तकलाकोट मंडी में भारतीय व्यापारियों का फंसा एक करोड़ रुपये का सामान

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तकलाकोट मंडी(फाइल फोटो) - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। चीन की तकलाकोट मंडी में पिछले एक साल से भारतीय व्यापारियों का एक करोड़ रुपये से अधिक का सामान फंसा हुआ है। भारत-चीन व्यापार पर जाने वाले व्यापारी पिछले साल अपना सामान मंडी में छोड़कर आए थे, लेकिन कोरोना के कारण इस बार व्यापार नहीं हो पाया। कोरोना और भारत-चीन संबंधों में तनातनी होने के कारण व्यापारियों को तकलाकोट मंडी में फंसे सामान की चिंता सताने लगी है।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ ही समुद्रतल से 17 हजार फुट की ऊंचाई पर प्रतिवर्ष 11 जून से 31 अक्तूबर तक तकलाकोट में भारत-चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार चलता था। वर्ष 2019 में तकलाकोट गए भारतीय व्यापारी बचा सामान वहीं छोड़कर लौट आए थे, लेकिन इस वर्ष कोविड-19 और भारत-चीन के खराब संबंधों के चलते व्यापार शुरू नहीं हो पाया है। कुछ व्यापारियों ने तकलाकोट जाने के लिए सामान तैयार रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि 2020 में तकलाकोट जाने का मौका मिलेगा, लेकिन भारत में चीनी सामान के बहिष्कार के बाद प्रतिवर्ष व्यापार में जाने वाले व्यापारियों में निराशा है। उनका कहना है कि तकलाकोट मंडी में 45 व्यापारियों का एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सामान फंसा है। भारत-चीन की तनातनी और कोरोना का संकट जारी है ऐसे में अगले साल 2021 में भी व्यापार के संचालन की उम्मीद नहीं है। इससे सभी व्यापारी परेशान हैं। तकलाकोट में भारत के 40 से अधिक व्यापारियों का एक करोड़ से अधिक रुपये का सामान फंसा है। इससे व्यापारी चिंतित हैं। चीन की हरकतों से व्यापार शुरू होने की उम्मीद भी नहीं है। इस वर्ष व्यापार न होने से सभी व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सीमा पर तनाव के साथ ही व्यापारियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। तकलाकोट मंडी व्यापार पर जाने वाले व्यापारी अब बेरोजगार हो गए हैं।
तकलाकोट से अब वापस भी नहीं ला सकते हैं सामान
पिथौरागढ़। भारत-चीन व्यापार पर जाने वाले धारचूला के व्यापारी दिनेश गुंज्याल, जीवन रौंकली, बिशन सिंह गर्ब्याल, चक्कर सिंह गर्ब्याल, रतन सिंह रायपा, दौलत रायपा, इंदर सिंह गर्ब्याल, ऊषा गर्ब्याल, रिंकू गर्ब्याल, दीवान नबियाल आदि व्यापारियों का सामान तकलाकोट में फंसा है। इन व्यापारियों का कहना है कि वह तकलाकोट मंडी पहुंचा चुके सामान के कस्टम शुल्क का भुगतान चीन और भारत में कर चुके हैं। अब सामान वापस आने की उम्मीद भी नहीं है।
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सौंदर्य प्रसाधन, गुड़, मिश्री की तकलाकोट में अधिक मांग
धारचूला। भारत से व्यापारी मुख्य रूप से सौंदर्य प्रसाधन, गुड़, मिश्री, तंबाकू आदि सामान लेकर तकलाकोट मंडी जाते थे। वहां से ऊन, कंबल, याक की पूंछ, जैकेट और जूते लेकर भारत आते थे। तिब्बत में बने जूते, जैकेट और ऊनी गर्म कपड़ों की भारतीय बाजार में अच्छी मांग रहती है।
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