जाड़ों के सीजन में जानवरों का शिकार करने के लिए हर साल इसी तरह आग लगाई जाती है। ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात होते ही जानवर निचली घाटियों में उतरने लगते हैं। शिकारी इसी मौके की तलाश में रहते हैं। वन विभाग अब तक ऐसे किसी गिरोह को नहीं पकड़ पाया है। पिछले तीन दिन से पंचाचूली की तलहटी के अलावा आसपास के अन्य जंगलों में आग लगी है। वन रेंजर लवराज सिंह का कहना है कि टीम को मौके पर भेजा गया है। वह आग लगाने की घटना को जंगली जानवरों के शिकार से नहीं जोड़ते। उनका कहना है कि लोग इस सीजन में नई घास उगाने के लिए भी जंगलों में आग लगा देते हैं।