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महाकाली से खनन के कारण बढ़ा भूकटाव का खतरा

Mon, 24 Oct 2016 10:38 PM IST
राजेश पंगरिया/अमर उजाला, झूलाघाट (पिथौरागढ़)
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झूलाघाट में महाकाली से हो रहा अवैध खनन। - फोटो : अमर उजाला
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 भारत एवं नेपाल की सीमा को विभाजित करने वाली महाकाली का बहाव भारत की तरफ लगातार बढ़ते जा रहा है। नदी के किनारे बसे गांवों और कस्बों में हो रहे खनन के कारण हो रहे भूकटाव की समस्या लगातार बढ़ते जा रही है। नदी के किनारे होने वाले वैध और अवैध खनन को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। नदी का कटाव भारत की ओर बढ़ते जा रहा है।
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महाकाली के किनारे स्थित कानड़ी गांव के पास से प्रतिदिन दर्जनों ट्रक अवैध खनन सामग्री निकाली जा रही है। इसे रोकने वाला कोई नहीं है। झूलाघाट थाना पुलिस की आंखों के सामने होने वाले अवैध खनन पर कोई रोक नहीं लग रही है। बार्डर पर तैनात एसएसबी की 55वीं वाहिनी की ई कंपनी के बगल से रोज दर्जनों ट्रक रेत के जा रहे हैं। साथ ही झूलाघाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग में वड्डा चौकी के पास से होकर यह रेत जाती है लेकिन वहां पर भी इसे कोई नहीं रोकता। इस रेत की कीमत पिथौरागढ़ बाजार में 12000 रुपये प्रति गाड़ी तक मिल जाती है। यदि इसी तरह रेत निकलते रही तो वो दिन दूर नहीं जब नदी अपने मुहाने को बदलकर गांवों और कस्बों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देगी। 
पिछले दिनों दिल्ली से आई नदियों का अध्ययन करने वाली टीम ने भी माना था कि खनन के चलते महाकाली नदी भारत की ओर ज्यादा कटाव करने लगी है।  

उपजिलाधिकारी सदर संतोष कुमार पांडे ने बताया कि महाकाली नदी के किनारे होने वाले अवैध खनन की जानकारी उन्हें नहीं है। वे खुद जाकर मौका मुआयना करेंगे। अगर खनन अवैध पाया जाता है तो खनन कर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 
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