पिछली सरकार ने इस जिले में कई तहसीलें खोली। इन्हीं में से एक तहसील तल्लाजोहार के तेजम में भी खोली गई, लेकिन 10 माह बाद भी तहसील का काम शुरू नहीं हुआ है। आज भी लोगों को मुनस्यारी तहसील पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
15 सितंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तल्लाजोहार की तेजम तहसील का उद्घाटन किया था। लोगों को उम्मीद थी कि अब तहसील के कार्यों के लिए 50 से 60 किमी दूर मुनस्यारी नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन अधूरी तैयारी के साथ खोली गई तहसील का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। कानूनगो कार्यालय में तहसील का बोर्ड लगाने के अलावा सरकार ने कुछ नहीं किया। कानूनगो कार्यालय में तहसील के नाम पर एक कंप्यूटर रखा है, वह भी कमरे में बंद है। तहसील में तहसीलदार तो छोड़िए, अदने से कर्मचारी की नियुक्ति भी नहीं की गई है।
मुनस्यारी तहसील के कालामुनी से लेकर नाचनी से लगे खतेड़ा तक के इलाके को कागजों में तेजम तहसील में शामिल कर दिया गया। इन 10 महीनों में इस नवसृजित तहसील से एक प्रमाणपत्र तक जारी नहीं हुआ है। तल्लाजोहार के लोगों को तहसील के कार्यों के लिए आज भी मुनस्यारी जाना पड़ रहा है। तहसील के अस्तित्व में न आने से लोगों में गुस्सा है। कानूनगो दामोदर भट्ट कहते हैं कि उनको तहसील से संबंधित कार्य देखने के कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं। वह कानूनगो सर्किल का काम देखते हैं।
इस तरह का छलावा ठीक नहीं
भुर्तिंग की जिला पंचायत सदस्य विमला देवी कहती हैं कि इस तरह का छलावा लोगों के साथ नहीं किया जाना चाहिए। तहसील स्थापित की थी तो अधिकारी, कर्मचारियों की भी व्यवस्था होनी चाहिए थी।
नई सरकार इस दिशा में आगे कदम बढ़ाए
बांसबगड़ निवासी पूर्व प्रधानाचार्य हरीश जोशी कहते हैं कि तहसील के उद्घाटन के समय उम्मीद थी कि अब नजदीक में तहसील स्तर के कार्य हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। नई सरकार को इस दिशा में कदम आगे बढ़ाने चाहिए।
मुनस्यारी की दौड़ से नहीं मिली निजात
उच्च हिमालयी क्षेत्र नामिक की प्रधान तुलसी जेम्याल कहती हैं कि नामिक के लोगों को सड़क मार्ग तक आने के लिए 27 किमी चलना पड़ता है। तेजम में तहसील खुली तो लगा कि अब मुनस्यारी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
केवल बोर्ड लगाना मजाक है
देकुना की क्षेत्र पंचायत सदस्य दुर्गा देवी तहसील में काम शुरू न होने को जनता के साथ अन्याय बताती हैं। कहती हैं कि केवल बोर्ड लगाने के लिए तहसील खोलना एक मजाक है।