शनिवार रात हुई भीषण बारिश से रामगंगा में मलबा पट गया है। अंधड़ के साथ हुई बारिश से हरड़िया नाले से बड़े-बड़े बोल्डर रामगंगा में गिर गए, जिनकी चपेट में आने से मुनस्यारी को जाने वाली बिजली की लाइन का एक पोल तिरछा हो गया है। थल-मुनस्यारी सड़क के साथ ही कई सड़कें बंद हैं।
नाचनी क्षेत्र में आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश से हरड़िया नाले बड़े-बड़े बोल्डर बोल्डरों के साथ मलबा रामगंगा में समा गया। हरड़िया में जिस स्थान पर सड़क थी, वह दलदल हो गई है। लोनिवि ने गड्ढों का भरान कर यातायात शुरू कराया, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है।
वहीं, डीएम के आदेश के बावजूद करीब एक महीने से बंद बांसबगड़-गूटी सड़क अब तक नहीं खुली है। मुख्यमंत्री ने भी इस सड़क को खोलने के आदेश दिए थे, लेकिन पीएमजीएसवाई डिवीजन की होकरा, गूटी, चामीभैंसकोट, कोटा पंद्रपाला और लोनिवि की सेंणराथी सड़क में यातायात बंद है।
मकानों के आंगन ध्वस्त
अस्कोट। जमतड़ी ग्राम पंचायत के कमतोली तोक में भूस्खलन से वनराजि शेर सिंह का आंगन और शौचालय ध्वस्त हो गया है। पुष्कर सिंह के आंगन की दीवार ढह गई, जिससे दोनों के मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
सड़क बंद होने से परेशान हो उठे लोग
नाचनी। हरड़िया में लगातार बंद हो रही सड़क से तल्लाजोहार क्षेत्र के लोग परेशान हैं। इलाके के लोग तल्लाजोहार स्वायत्त सहकारिता नाचनी की डेरी में दूध लेकर आते हैं, नाचनी बाजार में सब्जी समेत अन्य उत्पाद लेकर आते हैं, इन लोगों को पैदल, दूध, सब्जी ढोनी पड़ रही है।
सड़क बंद होने से नामिक का राशन फंसा
नाचनी। शामा से गोगिना (बागेश्वर) जाने वाली सड़क बंद होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र के नामिक का सौ क्विंटल राशन घुघतीघोल नामक स्थान में फंस गया है। सड़क में घुघतीघोल के पास मलबा आया है। खाद्यान्न विभाग की ओर से बताया गया कि जुलाई का राशन नामिक गांव पहुंच चुका है। यह राशन अगस्त, सितंबर के लिए नामिक भेजा जा रहा था। सड़क खुलते ही नामिक भेजा जाएगा। सड़क की देखरेख का जिम्मा बागेश्वर के पीएमजीएसवाई डिवीजन के पास है।