महाकाली में कानड़ी के पास चल रहा अवैध खनन
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भारत-नेपाल की सीमा को विभाजित करने वाली महाकाली से दोबारा अवैध खनन शुरू हो गया है। बिना किसी डर के कानड़ी गांव के पास रात-दिन खनन हो रहा है। वहीं, खनन पर रोक न लगने से लोगों में भारी गुस्सा है।
नवंबर में अमर उजाला ने महाकाली से हो रहे अवैध खनन और नदी के तटों को हो रहे नुकसान पर सीरीज प्रकाशित की थी। इन खबरों के छपने के बाद प्रशासन ने तब तत्काल कदम उठाया और अवैध खनन पर रोक लगा दी थी। एसडीएम संतोष कुमार पांडे ने खुद कानड़ी गांव जाकर खनन स्थल पर जाकर छापा भी मारा था और झूलाघाट-पिथौरागढ़ मार्ग पर चेकिंग अभियान चलाकर 3 ट्रकों को बिना रमन्ने के साथ सीज भी किया था। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षकों को सख्त आदेश दिए थे कि अगर क्षेत्र अवैध खनन की सूचना मिलती है तो उस क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उसके बाद कुछ दिनों तक खनन पूरी तरीके से बंद हो गया था। इधर, जानकारी मिली है कि खनन के धंधे में लगे लोग गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर फिर से खनन करने लगे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि खनन के कारण गांव का माहौल भी खराब होने लगा है। खनन से नदी के किनारे बड़े-बड़े गड्ढे होने लगे हैं। इससे बारिश के समय कानड़ी गांव को खतरा हो सकता है।
अवैध खनन सामग्री लेकर आने वाली गाड़ियां एसएसबी के बैरियर के पास से निकलती हैं, लेकिन प्रशासन ने एसएसबी को रेत, रोड़ी और पत्थर के वाहनों को चेक न करने का आदेश दे रखा है। इधर, जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने कहा है कि अवैध खनन के मामले की जांच की जाएगी और चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाएगी।
अवैध खनन को लेकर छापामारी शुरू
डीडीहाट। प्रशासन ने अवैध खनन रोकने के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में टीम का गठन कर छापामारी अभियान शुरू कर दिया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट मनुज गोयल ने तहसीलदार पीसी पंत के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है। जो उनके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों में होने वाले अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करेगी। वहीं, संयुक्त मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार रात्रि में गुड़ौली के पास से एक ट्रक को अवैध खनन सामग्री के साथ पकड़कर सीज कर दिया है। तहसीलदार पीसी पंत ने भी अपनी टीम के साथ डीडीहाट के कई क्षेत्रों में छापामारी की।